Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सैहब (SEHB) सोसायटी के हजारों कर्मचारियों के लिए शनिवार का दिन बेहद निर्णायक साबित हो सकता है। राज्य सचिवालय में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में सोसायटी की आठवीं वार्षिक साधारण बैठक होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में कर्मचारियों को वर्दी, बीमा और करुणामूलक आधार पर नौकरी देने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम मुहर लग सकती है। सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई बड़े प्रशासनिक बदलाव करने की तैयारी में है।
आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा तोहफा और सुरक्षा कवच
बैठक के एजेंडे में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार है। सरकार एक ऐसा प्रस्ताव ला रही है जिसके तहत ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर कर्मचारी के परिजनों को करुणामूलक आधार पर नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा, सैहब सोसायटी के कर्मियों को नगर निगम के अन्य कर्मचारियों के समान वेतन वृद्धि और भत्ते देने पर भी विचार किया जाएगा। यह कदम लंबे समय से संघर्ष कर रहे सफाई योद्धाओं के मनोबल को बढ़ाने और उनके वित्तीय संकट को दूर करने के लिए उठाया जा रहा है।
शहर की सफाई व्यवस्था का बदलेगा मॉडल और वित्तीय ढांचा
बैठक में शिमला की स्वच्छता प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोसायटी के कार्यक्षेत्र को बढ़ाने का प्रस्ताव है। अब डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के साथ-साथ सड़कों पर झाड़ू लगाने का काम भी इसी सोसायटी के तहत लाया जा सकता है। वित्तीय पारदर्शिता के लिए यूजर चार्ज कलेक्शन की राशि पहले नगर निगम के खाते में जमा होगी और फिर सोसायटी को मिलेगी। इसके साथ ही, वर्ष 2017 से 2025 तक के लंबित ऑडिट और वित्तीय लेखे-जोखे को मंजूरी देकर सोसायटी के कामकाज को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर रहेगा।


