Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर हाईकोर्ट ने एक बहुत बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को 7 अप्रैल तक पंचायती राज संस्थाओं का आरक्षण रोस्टर जारी करने का सख्त आदेश दिया है। अब राज्य में 13 फरवरी 2026 की स्थिति के आधार पर ही पंचायत चुनाव करवाए जाएंगे। सरकार की मांग पर कोर्ट ने रोस्टर जारी करने के लिए एक हफ्ते का अतिरिक्त समय दे दिया है।
विवादित पंचायतों पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
अदालत ने पंचायत पुनर्गठन के मामले में भी सख्त रुख अपनाया है। 13 फरवरी के बाद कई नई पंचायतों का गठन और पुरानी पंचायतों का विभाजन हुआ था। सरकार के इन फैसलों को अदालत में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने इन विवादित पंचायतों से जुड़े सभी प्रस्तावों और अधिसूचनाओं पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने कहा है कि इन मामलों का फैसला आने वाले समय में मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
सरकार ने अदालत से मांगा था अतिरिक्त समय
राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले 31 मार्च तक आरक्षण रोस्टर जारी करने का आदेश दिया था। लेकिन विवादित पंचायतों पर लगी रोक के कारण रोस्टर तैयार करने में भारी परेशानी आ रही थी। अदालती मामलों के कारण कई क्षेत्रों का आरक्षण रोस्टर नहीं बन पा रहा था। इसके बाद राज्य सरकार ने तुरंत हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सरकार ने अदालत से आरक्षण रोस्टर जारी करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था।
न्यायाधीशों की खंडपीठ ने सुनाया अहम फैसला
सरकार की इस मांग पर अदालत ने बहुत गंभीरता से विचार किया। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने इस अहम मामले की सुनवाई की। दोनों जजों की इस खंडपीठ ने राज्य सरकार की मांग को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने अब सरकार को 7 अप्रैल तक हर जरूरी कानूनी कार्यवाही पूरी करने का आदेश दिया है। इस बड़े फैसले के बाद प्रदेश भर में पंचायत चुनावों की सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं।


