Himachal Pradesh News: महानगरों की महंगी और तनावभरी जिंदगी के बीच सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक कामकाजी शादीशुदा कपल ने दावा किया है कि वे मनाली में रहकर वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। उनका मासिक खर्च 12 हजार रुपये से भी कम है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो को देखकर हर कोई हैरान है। कपल ने अपने इस अनोखे और किफायती बजट का पूरा ब्यौरा सोशल मीडिया यूजर्स के साथ साझा किया है। भारी महंगाई के इस दौर में पहाड़ों पर इतने कम पैसों में गुजारा करना लोगों को अचंभित कर रहा है।
खिड़की से दिखता है हिमालय और किराया महज पांच हजार
वायरल वीडियो में कपल ने बताया कि वे मनाली के एक शांत इलाके में वन रूम और किचन वाले फ्लैट में रहते हैं। इस घर की खिड़की से हिमालय की खूबसूरत बर्फीली चोटियां सीधे दिखाई देती हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसका मासिक किराया केवल 5,000 रुपये है।
उनका यह अपार्टमेंट पूरी तरह फर्निश्ड नहीं था, इसलिए उन्होंने अपनी जरूरत का कुछ सामान खुद खरीदा। इसके अलावा पहाड़ों में उनका मासिक बिजली का बिल भी मात्र 300 रुपये से कम आता है। महानगरों के महंगे बिजली बिलों के मुकाबले यह खर्च बेहद मामूली और बजट के अनुकूल है।
घर का बना खाना और पैदल सफर से बचाए पैसे
कपल अपनी इस बचत का मुख्य कारण घर के बने सादे खाने को बताता है। उनका मासिक राशन खर्च लगभग 4,000 रुपये तक ही सीमित रहता है। कभी-कभी मूड बदलने के लिए वे स्थानीय कैफे में भी जाते हैं, जहां महीने भर में उनका अधिकतम 1,500 रुपये तक अतिरिक्त खर्च होता है।
दोनों पार्टनर घर से ही अपना सारा ऑफिशियल काम संभालते हैं। इस वजह से उन्हें रोजाना दफ्तर आने-जाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। आसपास के स्थानीय बाजारों में घूमने के लिए वे ज्यादातर पैदल ही सफर करते हैं। इससे उनका मासिक वाहन और पेट्रोल खर्च महज 500 रुपये आता है।
कम बजट के दावे पर सोशल मीडिया यूजर्स में छिड़ी बहस
इंटरनेट पर यह वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं। कई लोग कपल की इस सिंपल लाइफस्टाइल और कम खर्च में सुकून भरी जिंदगी की तारीफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि जितने पैसों में लोग मनाली घूमकर आते हैं, उतने में इनका पूरा महीना कट रहा है।
दूसरी तरफ कुछ यूजर्स ने इस बजट पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। उनका तर्क है कि मनाली जैसे हिल स्टेशन पर ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की अन्य आवश्यक वस्तुएं इतनी सस्ती नहीं हैं। बहरहाल, इस वीडियो ने बड़े शहरों की तुलना में पहाड़ों में बेहतर जीवन जीने की नई बहस जरूर छेड़ दी है।
Reported By: Sunita Gupta


