Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HRTC) के पेंशनर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आर-पार की जंग का एलान कर दिया है। पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार को आंदोलन का कड़ा नोटिस थमा दिया है। इस कदम से राज्य प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
मांगें पूरी न होने पर मुख्यालय का करेंगे घेराव
समिति ने सरकार को खुली चेतावनी दी है। यदि पेंशनर्स की मांगों पर तुरंत ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा कदम उठाएंगे। सभी पेंशनर्स आगामी 18 जून से निगम मुख्यालय का शांतिपूर्ण ढंग से घेराव करेंगे। इसके साथ ही वे बेमियादी और अनिश्चितकालीन आंदोलन भी शुरू कर देंगे।
इस सिलसिले में सोमवार को समिति के पदाधिकारी एचआरटीसी मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने निगम के प्रबंध निदेशक (MD) डॉ. निपुण जिंदल से विशेष मुलाकात की। पदाधिकारियों ने एमडी को अपनी वित्तीय और प्रशासनिक मांगों से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।
अप्रैल महीने की पेंशन न मिलने से बुजुर्गों में आक्रोश
पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग ने अभी तक अप्रैल महीने की पेंशन जारी नहीं की है। इससे हजारों बुजुर्गों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सरकार ने सिर्फ 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को ही पेंशन दी है। बाकी बचे अन्य पेंशनर्स अभी तक अपनी राशि का इंतजार कर रहे हैं।
संगठन के वरिष्ठ नेताओं राजेंद्र ठाकुर और सुरेंद्र गौतम ने संयुक्त बयान जारी किया। उनके साथ देवराज ठाकुर, देवेंद्र चौहान, बृज लाल ठाकुर और रूप चंद शर्मा ने भी रोश जताया। राम लाल, अशोक पराशर, रघुनाथ शर्मा, भवानी शंकर और हेमंत ठाकुर भी इस दौरान मौजूद रहे।
31 मई का अल्टीमेटम बीतने के बाद संघर्ष की राह
नेताओं ने कहा कि उन्होंने 14 फरवरी को अपना मुख्य मांग पत्र सौंपा था। इतने महीने बीतने के बाद भी सरकार और निगम प्रबंधन ने कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया। इस ढुलमुल रवैए के कारण प्रदेश भर के नाराज परिवहन पेंशनर्स में भारी रोष और निराशा व्याप्त है।
समिति ने बताया कि उन्होंने बीते 12 मई को ही प्रबंधन को 31 मई तक का अंतिम समय दिया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद उनकी जायज मांगों की पूरी तरह अनदेखी की गई। अब सम्मान की लड़ाई के लिए पेंशनर्स ने सड़कों पर उतरने का मन बना लिया है।
Author: Sunita Gupta


