Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला स्थित रामपुर विकास खंड में बीडीसी चुनाव के नतीजे आते ही सियासी पारा चढ़ गया है। धार गौरा वार्ड से महिला प्रत्याशी पूजा डोगरा ने अपनी प्रतिद्वंद्वी रूपा देवी को एकतरफा मुकाबले में करारी शिकस्त दी। लेकिन इस जीत का जश्न अचानक हाई-वोल्टेज ड्रामे में बदल गया।
विजेता प्रत्याशी को पटका पहनाते ही भड़की भारी हिंसा
नतीजे घोषित होते ही विजेता उम्मीदवार पूजा डोगरा को अपने पाले में खींचने के लिए कांग्रेस, भाजपा और माकपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। विवाद उस समय ज्यादा बढ़ गया जब कुछ समर्थकों ने पूजा डोगरा के गले में कांग्रेस का पटका पहना दिया। इसके विरोध में विपक्षी कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।
दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और आक्रामक नारेबाजी से मतगणना स्थल पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। ड्यूटी पर मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए दोनों गुटों को अलग किया। इसके बाद शाम को तीनों दलों के कार्यकर्ता अपनी दावेदारी ठोकने के लिए सीधे रामपुर थाने के बाहर जाकर डट गए।
रामपुर थाने के बाहर रातभर चला हाई वोल्टेज ड्रामा
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने नवनिर्वाचित सदस्य पूजा डोगरा को सुरक्षित थाना परिसर के भीतर बिठाया। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए डीएसपी रामपुर ने खुद मोर्चा संभाला और सभी राजनीतिक दलों को समझाकर वापस भेजा। इस भारी खींचतान के बीच पूजा डोगरा ने पुलिस के सामने लिखित बयान देकर सच्चाई बयां की।
पूजा डोगरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह पंचायत समिति सदस्य का चुनाव पूरी तरह आजाद उम्मीदवार के रूप में लड़ा है। उन पर किसी भी राजनीतिक दल का कोई दबाव नहीं है। इस बयान के बाद तीनों दलों के झूठे दावों की हवा निकल गई और पुलिस ने सुरक्षा में पूजा को घर पहुंचाया।
Author: Sunita Gupta


