Himachal Pradesh News: भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल प्रदेश पहुंच रहे हैं, लेकिन पर्यटन स्थलों पर लंबा ट्रैफिक जाम उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। मनाली और शिमला सहित कई प्रमुख हिल स्टेशनों में वाहनों की भारी भीड़ के कारण घंटों तक सड़कें जाम रहने लगी हैं।
मैदानी राज्यों में बढ़ती गर्मी और बच्चों की गर्मी की छुट्टियों के कारण इस बार पर्यटन सीजन तय समय से पहले रफ्तार पकड़ चुका है। आमतौर पर जून के पहले सप्ताह में पर्यटकों की संख्या चरम पर पहुंचती है, लेकिन इस बार मई के अंतिम दिनों से ही हिमाचल के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
मनाली पहुंचने से पहले ही फंस रहे पर्यटक
रविवार सुबह पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण पलचान से मनाली तक लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कई वाहन घंटों तक सड़क पर रेंगते रहे। अलसुबह गंतव्य तक पहुंचने की योजना बनाकर निकले पर्यटकों को भी जाम का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी यात्रा का रोमांच काफी हद तक फीका पड़ गया।
मनाली और रोहतांग क्षेत्र में अब भी बर्फ देखने को मिल रही है। यही वजह है कि देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग पास मई के अंतिम सप्ताह में भी बर्फ से ढका रहता है, जो यात्रियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
ढाई घंटे में तय हुआ सिर्फ कुछ किलोमीटर सफर
मनाली घूमने पहुंचे एक पर्यटक ने एएनआई से बातचीत में बताया कि शींकुला पास तक सड़क व्यवस्था बेहतर रही। हालांकि मनाली के मुख्य क्षेत्र में प्रवेश करते ही हालात बदल गए। उन्होंने कहा कि दो से ढाई घंटे के दौरान उनका वाहन केवल तीन से चार किलोमीटर ही आगे बढ़ सका।
पर्यटकों का कहना है कि जाम के कारण यात्रा का समय कई गुना बढ़ गया है। होटल पहुंचने में देरी हो रही है और स्थानीय बाजारों में भी वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। वीकेंड के दौरान यह दबाव और अधिक बढ़ जाता है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है।
शिमला में भी रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे वाहन
राजधानी शिमला में भी पर्यटकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। शिमला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक के अनुसार पिछले 29 दिनों में जिले के प्रमुख प्रवेश मार्गों और सीमा जांच चौकियों से करीब 7.8 लाख वाहन गुजर चुके हैं। यह आंकड़ा पर्यटन सीजन की बढ़ती रफ्तार को दर्शाता है।
शोघी, बिलासपुर, किन्नौर और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर लगातार वाहनों का दबाव बना हुआ है। प्रशासन यातायात को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर रहा है। इसके बावजूद कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
गलत ओवरटेकिंग बढ़ा रही ट्रैफिक की समस्या
विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह संकरी सड़कें और गलत ओवरटेकिंग है। कई चालक जल्दी पहुंचने की कोशिश में नियमों की अनदेखी करते हैं। इससे यातायात की गति धीमी हो जाती है और सड़क पर लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे पूरे मार्ग पर असर पड़ता है।
Author: Sunita Gupta

