हिमाचल के 8 लाख स्कूली बच्चों को सरकार का बड़ा तोहफा, अब स्कूल बैग में होगी ये खास चीज

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब आठ लाख विद्यार्थियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है। राज्य सरकार अब सभी बच्चों को पीने के पानी के लिए मुफ्त में स्टेनलेस स्टील की बोतलें देने जा रही है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस बड़ी योजना को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस संबंध में सभी जिला उप निदेशकों को आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने पिछले साल इसकी घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का पुराना वादा हुआ पूरा

राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पिछले साल विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर यह अहम घोषणा की थी। सरकार अब अपने वादे को अमलीजामा पहनाने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में प्लास्टिक प्रदूषण को जड़ से खत्म करना है। बच्चों को अब सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल पानी पीने का बेहतर विकल्प मिलेगा। इससे बच्चों के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा और बीमारियां कम होंगी। सरकार इस पर तेजी से काम कर रही है।

इन तीन अलग-अलग वर्गों में बांटी जाएंगी नई बोतलें

निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली ने एक अहम पत्र जारी किया है। इस सरकारी योजना का सीधा लाभ प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के सभी छात्रों को मिलेगा। सरकार ने बोतलों के सही वितरण के लिए छात्रों को तीन अलग-अलग वर्गों में बांटा है।

  • प्री-प्राइमरी से 5वीं कक्षा के छात्र।
  • छठी से 8वीं कक्षा के छात्र।
  • 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी।

इन सभी वर्गों के बच्चों को बेहतरीन गुणवत्ता वाली स्टेनलेस स्टील बोतलें मुफ्त मिलेंगी।

प्लास्टिक कचरे पर नकेल कसने की सरकार की बड़ी तैयारी

हिमाचल सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर बहुत गंभीर है। सरकार ने पहले ही सरकारी कार्यक्रमों में 500 मिलीलीटर तक की प्लास्टिक बोतलों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। स्कूलों में भी शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्लास्टिक बोतलों का इस्तेमाल न करने के सख्त आदेश हैं। अब स्टेनलेस स्टील की बोतलें मिलने से बच्चों में स्वस्थ आदतें विकसित होंगी। यह अहम कदम भविष्य में प्लास्टिक कचरे को कम करने में बहुत मददगार साबित होगा। सरकार का यह प्रयास शानदार है।

30 अप्रैल तक विभाग ने मांगी छात्रों की पूरी जानकारी

शिक्षा निदेशालय ने योजना को सफल बनाने के लिए काम तेज कर दिया है। पत्र में सभी जिला उपनिदेशकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अपने संबंधित जिले में कार्यरत 143 खंड परियोजना अधिकारियों की पूरी सूची भेजनी होगी। इसमें अधिकारियों के मोबाइल नंबर और ईमेल पते की जानकारी देना अनिवार्य है। साथ ही प्री-प्राइमरी से 12वीं तक कुल छात्र संख्या की जानकारी भी मांगी गई है। यह पूरी रिपोर्ट 30 अप्रैल तक निदेशालय को सौंपनी होगी।

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