हिमाचल पंचायत चुनाव: 742 उम्मीदवारों के सपने टूटे, कांगड़ा में सबसे बड़ा उलटफेर, अब क्या होगा?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच बड़ा उलटफेर हुआ है। राज्य निर्वाचन आयोग ने नामांकन पत्रों की जांच के बाद 742 उम्मीदवारों के पर्चे रद्द कर दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद अब चुनावी मैदान में कुल 85,462 उम्मीदवार ही शेष बचे हैं। आयोग के इस फैसले से कई दिग्गजों के चुनावी अरमानों को बड़ा झटका लगा है। प्रशासन अब निष्पक्ष मतदान के लिए अगले चरण की तैयारियों में जुट गया है।

राज्य के कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा गाज गिरी है, जहाँ सर्वाधिक 254 नामांकन खारिज किए गए। इसके अलावा ऊना में 166 और मंडी में 54 उम्मीदवारों के आवेदन अस्वीकृत हुए। आंकड़ों के अनुसार, कांगड़ा में कुल 19,682 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें अब 19,428 वैध प्रत्याशी बचे हैं। ऊना में भी 5,840 आवेदनों में से 5,674 उम्मीदवार ही मैदान में रह गए हैं। नियमों की अनदेखी इन उम्मीदवारों पर भारी पड़ी है।

जिलावार आंकड़ों की पूरी रिपोर्ट

बिलासपुर में 15 नामांकन रद्द होने के बाद अब 4,195 उम्मीदवार चुनावी दंगल में शामिल हैं। चंबा जिले में 36 पर्चे खारिज हुए, जिसके बाद वहां 8,443 प्रत्याशी शेष बचे हैं। हमीरपुर में 32 नामांकन पत्रों को रद्द किया गया है और अब 5,343 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। जनजातीय जिला किन्नौर में 23 और लाहौल-स्पीति में केवल 3 नामांकन रद्द हुए हैं। शिमला जिले में 8,662 आवेदनों में से 8,613 उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की हरी झंडी मिली है।

कुल्लू जिले में 26 नामांकन रद्द होने के बाद 5,791 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे। मंडी में 54 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हुए हैं, जिससे वहां अब 14,565 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। सिरमौर में 46 और सोलन में 38 नामांकन पत्र नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 15 मई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होते ही प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे।

तीन चरणों में होगा लोकतंत्र का उत्सव

हिमाचल में पंचायत चुनाव तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को संपन्न होंगे। प्रदेश के कुल 31,182 विभिन्न पदों के लिए वोट डाले जाएंगे। इसमें प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद के पद शामिल हैं। आयोग ने मतदान के तुरंत बाद प्रधान और वार्ड सदस्यों के मतों की गिनती के निर्देश दिए हैं। जिला परिषद और बीडीसी चुनाव के नतीजों के लिए 31 मई तक इंतजार करना होगा।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश भर में कुल 86,204 नामांकन पत्र जमा हुए थे। इनकी जांच 12 और 13 मई को अनुभवी अधिकारियों की देखरेख में पूरी की गई। आयोग ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती का खाका तैयार कर लिया है। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रत्याशी अपना प्रचार अभियान तेज करेंगे। प्रदेश के दूरदराज इलाकों में मतदान सामग्री पहुंचाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि प्रक्रिया बाधित न हो।

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