Himachal Pradesh News: देवभूमि कुल्लू में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। मणिकर्ण और भुंतर घाटी में हुई दो बड़ी छापेमारी में पुलिस ने भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स बरामद की है। इस कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से मेथ, एलएसडी और चिट्टा जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ मिले हैं।
मणिकर्ण पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कसोल स्थित एक नामी होटल में दबिश दी। पुलिस टीम ने होटल परिसर की घेराबंदी कर दो युवकों को रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपियों की पहचान पालमपुर निवासी वीरेंद्र सिंह और घुमारवीं के विवेक शर्मा के रूप में हुई है। इनके पास से 31.97 ग्राम मेथ और एमडीएमए जैसे घातक ड्रग्स बरामद हुए हैं। इसके अलावा पुलिस ने एलएसडी पेपर स्ट्रिप्स और चरस भी जब्त की है।
पुलिस ने बिछाया जाल और अस्पताल परिसर से दबोचा चिट्टा तस्कर
दूसरी बड़ी कामयाबी भुंतर थाना पुलिस को हाथ लगी है। पुलिस टीम ने गश्त के दौरान तेगुबेहड़ अस्पताल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा। तलाशी लेने पर आरोपी जोगिंद्र सिंह के कब्जे से 8 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद की गई। हैरानी की बात यह है कि आरोपी निर्माणाधीन अस्पताल की साइट का फायदा उठाकर नशा बेच रहा था। पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसपी कुल्लू मदन लाल ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इन तस्करों के मुख्य सोर्स और सप्लाई चेन का पता लगा रही है। जांच में यह देखा जा रहा है कि नशे की यह खेप बाहरी राज्यों से हिमाचल कैसे पहुंची। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहेगी। हम नशे के इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पर्यटन सीजन के बीच नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
पर्यटन सीजन के दौरान घाटी में नशा माफिया की सक्रियता बढ़ जाती है। इसे देखते हुए कुल्लू पुलिस ने अपनी गश्त और खुफिया तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा है। पुलिस अब उन रास्तों की मैपिंग कर रही है जहाँ से सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी होती है। एसपी ने चेतावनी दी है कि नशे के धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज होगा।
कुल्लू पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस जंग में भागीदार बनें। अगर कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। पुलिस का मानना है कि जनभागीदारी से ही देवभूमि को नशे के चंगुल से मुक्त किया जा सकता है। फिलहाल तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करने की तैयारी है।


