Delhi News: दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर थाने की पुलिस ने हौजरानी अग्निकांड मामले में अपनी तफ्तीश बेहद तेज कर दी है। पुलिस टीम ने रविवार को इस दर्दनाक हादसे के मुख्य आरोपी होटल मालिक लवकेश बजाज और रसोइये केशव नेगी को भारी सुरक्षा के बीच सीधे घटनास्थल पर ले जाकर गहन पूछताछ की।
पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की मौजूदगी में पूरे प्रभावित भवन का बार-बारी से मुआयना किया। इस दौरान पुलिस ने कड़ियों को जोड़ते हुए आग लगने की पूरी घटना के क्रम को बारीकी से समझने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों आरोपियों को थाने लाकर आमने-सामने बैठाकर भी लंबी पूछताछ की गई।
अवैध होटल की आग ने ली थी 22 मासूमों की जान
मालवीय नगर इलाके के इस अवैध होटल में भड़की भीषण आग की चपेट में आने से कुल 22 मासूम लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 37 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस दो अन्य फरार आरोपियों जय मिश्रा और राजेश की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पकड़े गए आरोपी लवकेश बजाज और रसोइये केशव नेगी की पुलिस हिरासत की अवधि रविवार को पूरी तरह समाप्त हो गई है। ऐसे में कानूनी प्रक्रिया के तहत सोमवार को दोनों ही आरोपियों को दोबारा दिल्ली की साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड बढ़ाने की मांग करेगी।
आरोपियों से पूछताछ में मिले कई बड़े सुराग
पुलिस सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, लवकेश बजाज और केशव नेगी से अलग-अलग और आमने-सामने की पूछताछ के दौरान कई बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारियां हाथ लगी हैं। ये सुराग इस पूरे मामले की गहराई में जाने और होटल की अवैध गतिविधियों को उजागर करने में मदद करेंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों से अभी कई और कड़े सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। इसी वजह से जांच अधिकारी साकेत कोर्ट के समक्ष आरोपियों की कम से कम चार या उससे अधिक दिनों के लिए और पुलिस हिरासत की मांग कर सकते हैं, ताकि फरार आरोपियों का पता लगाया जा सके।
खिड़कियां तोड़कर गद्दों पर कूदे थे बेबस लोग
इस भयानक और रूह कंपा देने वाले अग्निकांड ने पूरे दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया था। स्थानीय लोगों के दिलों में इस हादसे को लेकर अब भी भारी खौफ का माहौल बना हुआ है। हालांकि प्रेस एन्क्लेव मार्ग से हौजरानी गांव में जाने वाले बंद रास्ते को अब खोल दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, होटल की पहली मंजिल से लेकर पांचवीं मंजिल तक में फंसे लोग खिड़कियां तोड़कर नीचे बिछे गद्दों पर कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे। इमारत की टूटी खिड़कियां, शीशे और एल्युमिनियम की पिघल चुकी ग्रिल अब भी इस खौफनाक हादसे की गवाही दे रही हैं।
Raj Thakur


