मृतक इंजीनियरों का ट्रांसफर! एमसीडी की शर्मनाक लापरवाही, 28 मौतों के बाद लिया ऐसा एक्शन की उड़ रही खिल्ली

Delhi News: दिल्ली के सैदुलाजाब और हौजरानी में हुए हादसों के बाद नगर निगम (एमसीडी) की पहले ही भारी किरकिरी हो रही थी। अब एमसीडी की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर ऐसे गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसने पूरे महकमे को शर्मसार कर दिया है। भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच विभाग ने एक बेहद अजीबोगरीब कारनामा कर दिखाया है।

हादसों के बाद प्रशासनिक फेरबदल के चक्कर में एमसीडी ने जिन दो इंजीनियरों का तबादला किया है, उनकी काफी समय पहले ही मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा एक ऐसे इंजीनियर का भी मनचाही जगह ट्रांसफर कर दिया गया, जो पिछले एक साल से सस्पेंड चल रहा है। इस घोर लापरवाही के बाद जनता एमसीडी का जमकर मज़ाक उड़ा रही है।

एक साल पहले मर चुके अपूर्व भटनागर को दी नई पोस्टिंग

एमसीडी के आधिकारिक आदेश के अनुसार, कनिष्ठ अभियंता अपूर्व भटनागर शाहदरा नॉर्थ जोन में तैनात थे, जिनकी मृत्यु करीब एक वर्ष पहले ही हो चुकी है। इसी तरह प्रतीक नाम के एक और कनिष्ठ अभियंता (सिविल) भी इसी जोन में तैनात थे और वे भी अब इस दुनिया में नहीं हैं।

इसके बावजूद एमसीडी के शीर्ष अधिकारियों ने आंखें मूंदकर ट्रांसफर लिस्ट जारी कर दी। मरे हुए अपूर्व भटनागर की नई तैनाती मुख्यालय के सफाई विभाग में कर दी गई। वहीं, मृत प्रतीक का तबादला रोहिणी जोन के सबसे मलाईदार माने जाने वाले भवन विभाग में करने का लिखित तुगलकी फरमान जारी कर दिया गया।

सस्पेंडेड इंजीनियर गौरव गर्ग पर भी मेहरबान हुआ निगम

लापरवाही की कहानी सिर्फ मृतक अधिकारियों तक ही सीमित नहीं है। शाहदरा नॉर्थ जोन के भवन विभाग में तैनात गौरव गर्ग एक गंभीर मामले में पिछले एक साल से लगातार निलंबित चल रहे हैं। लेकिन तबादला करने वाले अधिकारियों ने उनके सस्पेंशन को भी पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया।

प्रशासन ने निलंबित चल रहे गौरव गर्ग का तबादला सिटी एसपी जोन के ईएमएस विभाग में कर दिया। अभी तक सिर्फ इन तीन इंजीनियरों के हैरान करने वाले मामलों की ही पुष्टि हो सकी है। यह बड़ा भंडाफोड़ होने के बाद संबंधित जोन के तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

फजीहत के बाद आनन-फानन में सुधारी गलती, पर आधा-अधूरा एक्शन

सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में थू-थू होने के बाद एमसीडी ने आनन-फानन में एक संशोधित ट्रांसफर लिस्ट जारी की। इस नई लिस्ट से मृत अपूर्व भटनागर का नाम तो हटा दिया गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि विभाग ने दूसरे मृत इंजीनियर प्रतीक को अब भी जिंदा मान रखा है।

शाहदरा नॉर्थ जोन के विश्वसनीय आधिकारिक सूत्रों ने प्रतीक की मृत्यु होने की स्पष्ट पुष्टि की है। इसके बावजूद संशोधित लिस्ट में उनके नाम को लेकर कोई भी बदलाव या जानकारी नहीं दी गई है। इस लचर रवैये से साफ है कि निगम का डेटाबेस कितना पुराना और पूरी तरह से अपडेटेड है।

प्रशासनिक फेरबदल में आईपीएस सचिन गुप्ता बने नए उपायुक्त

इस भारी विवाद और फजीहत के बीच एमसीडी में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल भी किए गए हैं। पंजाब कैडर के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी डॉ. सचिन गुप्ता को प्रतिनियुक्ति पर लाते हुए सेंट्रल जोन का नया उपायुक्त (डीसी) नियुक्त किया गया है, ताकि बिगड़ी कानून-व्यवस्था सुधारी जा सके।

इसके साथ ही सेंट्रल जोन के निवर्तमान उपायुक्त सारश्वत सौरभ को नजफगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया है। वहीं नजफगढ़ के उपायुक्त सुमित कुमार को अब सीधे निगमायुक्त का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा आईटी विभाग के निदेशक अंशुल सिरोही को रोहिणी जोन में उपायुक्त के पद पर तैनात किया गया है।

Author: Gaurav Malhotra

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories