Delhi News: दक्षिणी दिल्ली के सैदुलाजाब और हौजरानी इलाके में हुए दो भीषण हादसों में 28 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद नगर निगम की नींद खुल गई है। एमसीडी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने शुक्रवार को राजधानी में अवैध निर्माणों और नियमों को ताक पर रखकर चल रहे अवैध होटलों पर अब तक की सबसे बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रशासन ने इस महा-अभियान के तहत दर्जनों अवैध संपत्तियों को जमींदोज कर दिया और कई इमारतों को मौके पर ही सील कर दिया। इसके अलावा आपातकालीन वाहनों और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए संकरी गलियों से सालों पुराने पक्के अतिक्रमण को भी बुलडोजर के जरिए पूरी तरह हटाकर रास्तों को चौड़ा किया गया।
दिल्ली में 268 संपत्तियों पर चला सरकारी चाबुक
एमसीडी द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से लेकर अब तक पूरी दिल्ली में 82 अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया जा चुका है। इसके साथ ही बेहद खतरनाक स्थिति में बनी 35 अन्य संपत्तियों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है।
निगम ने अब तक 79 अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए अंतिम नोटिस जारी किए हैं, जबकि 39 को सीलिंग की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 33 निर्माणों को तुरंत ध्वस्त करने के अदालती आदेश जारी हो चुके हैं। इस प्रकार प्रशासन अब तक कुल 268 संदिग्ध संपत्तियों को इस कड़े कानूनी दायरे में ला चुका है।
हादसे के मुख्य आरोपी लवकेश बजाज का दूसरा होटल भी सील
शुक्रवार को हौजरानी इलाके में मानकों का घोर उल्लंघन करने वाले पांच आलीशान होटलों को सील कर दिया गया, जो बेड एंड ब्रेकफास्ट की आड़ में अवैध रूप से चल रहे थे। इनमें से ‘होटल ग्रीन रेजिडेंसी’ हादसे के मुख्य आरोपी लवकेश बजाज का है। इसके अलावा स्काई इन, फ्लोरिस इन, वेन्यू इन और मिकासा पर भी सीलिंग की बड़ी कार्रवाई हुई।
जिस अवैध होटल में भीषण आग लगी थी, वह हाजी अब्बास पार्क के पीछे एकदम कोने पर स्थित था। संयुक्त टीम ने इसी लेन से अपने अभियान की शुरुआत की। लगभग 20 फीट चौड़ी इस लेन में लोगों ने अवैध चबूतरे और रैंप बनाकर सड़कों को घेर रखा था, जिससे आपातकालीन स्थितियों में दमकल की गाड़ियों का निकलना नामुमकिन था।
बुलडोजर से तोड़े चबूतरे, बिजली कनेक्शन काटे
कार्रवाई के दौरान एमसीडी की एक टीम जहां सड़कों पर बने अवैध चबूतरों और रैंप को बुलडोजर से मलबे में तब्दील कर रही थी, वहीं दूसरी टीम होटलों को सील करने की कागजी कार्रवाई में जुटी थी। सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम देने से ठीक पहले बिजली विभाग की मदद से इन सभी अवैध होटलों के मुख्य पावर कनेक्शन काट दिए गए।
इस पूरी गली में वर्तमान में लगभग 22 बड़े अवैध होटल और रेस्तरां संचालित हो रहे हैं। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह दंडात्मक अभियान शनिवार को भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी रसूखदार बिल्डर या होटल मालिक को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सैदुलाजाब, खिड़की एक्सटेंशन और सैनिक फार्म में भी चला पीला पंजा
एमसीडी ने हौजरानी के अलावा सैदुलाजाब और खिड़की एक्सटेंशन में भी समानांतर अभियान चलाया। जांच दल ने सैदुलाजाब में कुल 32 ऐसी संपत्तियों को चिह्नित किया है, जिनमें से आठ अवैध इमारतों पर शुक्रवार को हथौड़ा चला। इसी तरह खिड़की एक्सटेंशन में दो और घिटोरनी में भी अवैध निर्माणों को पूरी तरह गिरा दिया गया।
निगम के जोनल कमिश्नर के अनुसार, वीआईपी इलाके सावित्री नगर, सैनिक फार्म और खानपुर में भी नियमों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर तीन बड़ी व्यावसायिक संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई की गई है। दिल्ली पुलिस की भारी मौजूदगी के कारण स्थानीय लोग इस प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध नहीं कर सके।
Author: Gaurav Malhotra


