Bhagalpur News: भागलपुर के लोगों के लिए आज का दिन बेहद खास होने वाला है। लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार से जिले में जल परिवहन की एक नई और आधुनिक सेवा की शुरुआत होने जा रही है। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 के तहत गंगा नदी में फेरी और मालवाहक जलयान सेवा बहाल की जा रही है।
यह नई जल सेवा भागलपुर के बरारी बियाडा घाट से लेकर नवगछिया के जाह्नवी चौक गंगा घाट तक संचालित होगी। इस सेवा के शुरू होने से आम यात्रियों के साथ-साथ छोटे और बड़े वाहनों के आवागमन को भी एक नई रफ्तार मिलेगी। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
प्रशासन और निजी कंपनी ने मिलकर पूरी की तैयारी
स्थानीय जिला प्रशासन के विशेष सहयोग से संबंधित कंपनी ने गंगा घाट तक जाने वाले मुख्य पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य समय पर पूरा कर लिया है। शुक्रवार सुबह से ही गंगा नदी में एक आधुनिक रो-रो वेसल और दो बड़े यात्री जलयानों का नियमित परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
गंगा पार करने वाले हजारों लोगों को इस वैकल्पिक व्यवस्था से बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस बेहतरीन जल सेवा का औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार सुबह 10 बजे बरारी बियाडा घाट पर किया जाएगा। इस खास मौके पर जिले के कई बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
समारोह में मुख्य रूप से जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल हिस्सा लेंगे। इनके साथ ही कई प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय व्यवसायी और बड़ी संख्या में आम लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए घाट पर उपस्थित रहेंगे।
विक्रमशिला सेतु के जाम से मिलेगी बड़ी राहत
आयोजकों के मुताबिक, यह अनूठी पहल अंतर्देशीय जल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल परिवहन सुगम और प्रभावी बनेगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नया विस्तार मिलेगा। यह सेवा भागलपुर के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
वर्तमान समय में विक्रमशिला सेतु पर यातायात का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। पुल पर आए दिन लगने वाले भीषण जाम और तकनीकी समस्याओं के बीच यह जल सेवा आम लोगों के लिए एक सुरक्षित, सस्ता और बेहद सुविधाजनक वैकल्पिक माध्यम साबित होने वाली है।
इस पूरे भव्य कार्यक्रम का सफल संचालन जिरिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा किया जा रहा है। कंपनी के निदेशक इंजीनियर राजशेखर ने बताया कि शुरुआत में तीन जहाजों को उतारा जा रहा है। आने वाले समय में यात्रियों की बढ़ती संख्या और जरूरत के अनुसार जहाजों की तादाद बढ़ा दी जाएगी।
Author: Amit Yadav


