अंपायर से भिड़ना आरसीबी के हेड कोच एंडी फ्लावर को पड़ा भारी, बीसीसीआई ने मैच फीस काटकर सुनाया कड़ा फैसला

Raipur News: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हेड कोच एंडी फ्लावर पर मुंबई इंडियंस के खिलाफ हुए मैच के दौरान अंपायर के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए भारी जुर्माना लगाया गया है। बीसीसीआई ने अनुशासनहीनता के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत हिस्सा काट लिया है। रविवार को खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के दौरान एंडी फ्लावर और चौथे अंपायर के बीच तीखी बहस हुई थी। आईपीएल द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, कोच ने अपनी गलती और सजा को स्वीकार कर लिया है।

एंडी फ्लावर पर क्यों हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई?

आईपीएल की रिलीज के अनुसार, एंडी फ्लावर को ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ के लेवल 1 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है। उन पर आचार संहिता के आर्टिकल 2.3 के तहत आरोप लगाए गए हैं, जो खेल के दौरान सुनाई देने वाली गाली-गलौज और अभद्र भाषा के इस्तेमाल से संबंधित है। यह घटना मैच के 17.2 ओवर में हुई जब कोच ने गुस्से में चौथे अंपायर से बात की। मैच रेफरी अमित शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जुर्माना लगाने का फैसला किया।

मैदान पर वह विवाद जिसने कोच का पारा बढ़ा दिया

विवाद की शुरुआत आरसीबी की पारी के 18वें ओवर में हुई जब एएम गजनफर गेंदबाजी कर रहे थे। क्रुणाल पांड्या ने एक बड़ा शॉट खेला, जिसे नमन धीर ने बाउंड्री पर कैच करने की कोशिश की। संतुलन बिगड़ने के कारण नमन ने गेंद तिलक वर्मा की ओर फेंकी, लेकिन तिलक ने उसे पूरा नहीं किया। आरसीबी के खिलाड़ियों को लगा कि यह छक्का है, इसलिए उन्होंने रन नहीं दौड़े। रिप्ले में साफ हुआ कि नमन ने छक्का बचा लिया था, जिसके बाद अंपायर के फैसले को लेकर कोच आपा खो बैठे।

मुंबई को हराकर आरसीबी अब पॉइंट्स टेबल के शिखर पर

अनुशासनात्मक विवादों के बीच आरसीबी के लिए अच्छी खबर यह है कि टीम ने मुंबई इंडियंस को मात देकर पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल कर लिया है। आईपीएल 2026 में आरसीबी का प्रदर्शन अब तक बेमिसाल रहा है और वे प्लेऑफ में जगह बनाने से महज एक कदम दूर हैं। इस हार के साथ ही पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस टूर्नामेंट की रेस से बाहर हो गई है। अब आरसीबी की नजरें टॉप-2 में रहकर क्वॉलिफायर खेलने की संभावनाओं को मजबूत करने पर टिकी हैं।

मैच रेफरी के फैसले को एंडी फ्लावर ने दी मंजूरी

विवाद के बाद हुई सुनवाई में एंडी फ्लावर ने अपना पक्ष रखा और स्वीकार किया कि उनसे अंपायर के प्रति व्यवहार में चूक हुई है। उन्होंने मैच रेफरी अमित शर्मा द्वारा दी गई सजा को बिना किसी विरोध के मान लिया है। बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि लेवल 1 के उल्लंघन के मामलों में मैच रेफरी का फैसला अंतिम और बाध्यकारी होता है। खेल भावना को बनाए रखने के लिए बोर्ड लगातार खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ पर निगरानी रख रहा है।

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