Dakar News: सेनेगल के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी पापे गुये ने इंटरनेशनल फुटबॉल को लेकर एक चौंकाने वाला फैसला किया है। उन्होंने वर्तमान टीम प्रबंधन के पद पर बने रहने तक राष्ट्रीय टीम के लिए फुटबॉल न खेलने का बड़ा निर्णय लिया है। उनके इस बड़े कदम से खेल जगत में तहलका मच गया है।
विश्व कप के नॉकआउट मैच में बेल्जियम से मिली हार
सत्ताइस वर्षीय मिडफील्डर पापे गुये ने यह कड़ा निर्णय फीफा विश्व कप दो हजार छब्बीस के राउंड ऑफ थर्टी टू में बेल्जियम के खिलाफ मिली करारी शिकस्त के बाद लिया है। इस महत्वपूर्ण मुकाबले में सेनेगल की टीम ने एक समय मैच पर अपनी बेहद मजबूत पकड़ बना रखी थी।
मुकाबले में हबीब डियारा और इस्माइला सार के शानदार गोलों की बदौलत सेनेगल दो-शून्य से आगे चल रहा था। लेकिन छियासीवें मिनट में रोमेलु लुकाकू और फिर यूरी टिलेमैन्स ने गोल दागकर स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद बेल्जियम ने एक्स्ट्रा टाइम में पेनाल्टी पर गोल कर मैच तीन-दो से जीत लिया।
इंस्टाग्राम पोस्ट पर खिलाड़ी ने निकाला कोच के खिलाफ गुस्सा
इराक के खिलाफ पिछले मैच में दो गोल दागने वाले स्टार खिलाड़ी पापे गुये ने इस हार के बाद सोशल मीडिया पर अपना तीखा गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक मुख्य कोच पापे थियाव पद पर रहेंगे, वे देश के लिए दोबारा मैदान पर नहीं उतरेंगे।
स्पेनिश ला लीगा में विल्लारीयाल सीएफ के लिए खेलने वाले गुये ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि जब तक यह टेक्निकल स्टाफ जिम्मेदारी संभालेगा, वे नेशनल टीम से पूरी तरह आराम लेंगे। इस मैच के छियासठवें मिनट में उन्हें मैदान से बाहर बुलाने का कोच का फैसला काफी हैरान करने वाला था।
मुख्य कोच पापे थियाव के भविष्य पर उठे बड़े सवाल
मैच के बाद डगआउट में बैठे गुये को अपनी टीम की बढ़त बिखरते और वर्ल्ड कप से बाहर होते देखना पड़ा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे शारीरिक रूप से बिल्कुल फिट महसूस कर रहे थे। मैदान से बाहर बुलाने का फैसला पूरी तरह से हेड कोच का ही था।
दिसंबर दो हजार चौबीस से टीम के कोच थियाव का कार्यकाल काफी विवादों में रहा है। साल दो हजार पच्चीस के अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के फाइनल में एक पेनाल्टी के विरोध में सेनेगल ने वॉकआउट कर दिया था। इस कारण उनसे खिताब छीन लिया गया था और अब थियाव का भविष्य खतरे में है।

