Varanasi News: हिंदू पंचांग के अनुसार 17 मई से शुरू हुआ पवित्र अधिक मास आगामी 15 जून सोमवार को समाप्त हो रहा है। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या के साथ ही इस विशेष महीने का समापन हो जाएगा। इसके अगले दिन यानी 16 जून से नियमित आषाढ़ महीना शुरू होगा।
अधिक मास के समाप्त होते ही पिछले एक महीने से रुके हुए सभी मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाएंगे। अब लोग शादी, मुंडन, गृह प्रवेश और नामकरण जैसे शुभ कार्य आसानी से कर सकेंगे। बाजारों में भी नए व्यापार की शुरुआत के लिए हलचल तेज होने वाली है।
जानिए मलमास में क्यों रोक दिए जाते हैं सभी शुभ कार्य
हिंदू ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अधिक मास के दौरान सूर्य की कोई संक्रांति नहीं होती है। इसका मतलब है कि सूर्य इस पूरी अवधि में अपनी राशि नहीं बदलता है। सौर चक्र में इस बदलाव के न होने के कारण ही इस महीने को मलमास कहा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य संक्रांति न होने से यह समय सांसारिक और भौतिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता है। यही मुख्य वजह है कि इस पूरे महीने में विवाह, गृह प्रवेश और नया व्यापार शुरू करने जैसे बड़े मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह रोक रहती है।
इस विशेष महीने को क्यों कहा जाता है पुरुषोत्तम मास
पौराणिक कथा के अनुसार सूर्य संक्रांति न होने के कारण इस महीने को मलमास कहकर उपेक्षित किया जाता था। कोई भी देवता इसका स्वामी बनने के लिए तैयार नहीं था। तब यह महीना अपनी रक्षा के लिए भगवान विष्णु की शरण में पहुंच गया था।
भगवान विष्णु ने करुणा दिखाते हुए इस महीने को अपना सबसे उत्तम नाम ‘पुरुषोत्तम’ दिया था। वह खुद इस मास के अधिपति स्वामी बने। तभी से इसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। इस महीने में पूजा, व्रत और दान करने से कई गुना ज्यादा पुण्य मिलता है।
अंतिम दिन सुख-समृद्धि के लिए जरूर करें ये विशेष उपाय
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 15 जून 2026 को अधिक मास का आखिरी दिन बेहद फलदायी रहने वाला है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और शाम को दीपदान करने से पुण्य मिलता है। यह दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करने का बहुत शुभ अवसर है।
इस समापन तिथि पर कांसे के बर्तन में मालपुए रखकर दान करने का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति आती है। साथ ही साधक को भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद भी बहुत आसानी से मिल जाता है।
Author: Pandit Balkrishan Sharma


