नीतीश कुमार ने JDU में किया बड़ा फेरबदल, संजय झा बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष; 24 नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी

Bihar News: जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बुधवार को पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। उन्होंने पदाधिकारियों की नई सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 24 नेताओं को विभिन्न अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नीतीश कुमार स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय कुमार झा को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। इस पुनर्गठन का मकसद आगामी चुनावों से पहले संगठन को मजबूती प्रदान करना है।

नई सूची के तहत पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को विस्तार देने का काम किया गया है। इसमें 12 राष्ट्रीय महासचिवों और 8 राष्ट्रीय सचिवों की नियुक्ति शामिल है। पार्टी ने सामाजिक समीकरणों को साधने की भी पूरी कोशिश की है। इसी कड़ी में अत्यंत पिछड़े समुदाय से आने वाले पूर्व जहानाबाद सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद सौंपा गया है। पार्टी के वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी गोपालगंज के मौजूदा सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन को दी गई है।

संजय कुमार झा को मिली राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी

नीतीश कुमार ने अपने बेहद करीबी और विश्वासपात्र नेता संजय कुमार झा पर एक बार फिर से भरोसा जताया है। संजय झा को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह पद संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाद सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। संजय झा वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं और पार्टी के सभी बड़े राजनीतिक फैसलों में उनकी अहम भूमिका रहती है। उनके इस नए दायित्व से संगठन में निर्णय लेने की प्रक्रिया और तेज होगी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार संजय झा की नियुक्ति के पीछे संगठन में समन्वय बढ़ाने की मंशा है। नीतीश कुमार राज्य के मुख्यमंत्री होने के कारण प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में संगठन की दैनिक गतिविधियों और राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन की राजनीति को मजबूत करने की जिम्मेदारी अब संजय झा के कंधों पर होगी। उनके कार्यकाल में पार्टी के विस्तार और जनाधार बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।

अति पिछड़ा वर्ग से चंद्रवंशी को बनाया गया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

पार्टी ने इस पुनर्गठन में जातीय संतुलन का विशेष ख्याल रखा है। बिहार की राजनीति में अति पिछड़ा वर्ग की भूमिका को देखते हुए चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। चंद्रवंशी पूर्व में जहानाबाद से सांसद रह चुके हैं और पिछड़े वर्ग के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उनकी नियुक्ति को इस वर्ग को यह संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि पार्टी में उनका सम्मान बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पार्टी ने गोपालगंज से सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। डॉ. सुमन बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रहे दिवंगत नेता महाचंद्र सुमन के पुत्र हैं। उनके पास संगठन के संसाधनों का प्रबंधन करने का अनुभव है। इन दोनों नेताओं की नियुक्ति से यह साफ संकेत मिलता है कि जदयू अपने पारंपरिक समर्थन आधार को और अधिक मजबूत करना चाहती है।

12 राष्ट्रीय महासचिव और 8 सचिवों की हुई नियुक्ति

जारी की गई सूची में कुल 12 नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। इन नेताओं को अलग-अलग राज्यों और विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसी तरह 8 नेताओं को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। इन सभी नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य पार्टी कार्यालय से लेकर जमीनी स्तर तक की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाना है। नए पदाधिकारियों की सूची जारी होते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।

पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि इस नई टीम का गठन आगामी लोकसभा चुनाव और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है। नीतीश कुमार चाहते हैं कि पार्टी का संगठनात्मक ढांचा निचले स्तर तक सक्रिय रहे। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित किया गया है। नव नियुक्त पदाधिकारी जल्द ही अपना कार्यभार संभालेंगे और संगठन को नई दिशा देने का काम करेंगे।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories