सिया हत्याकांड: ‘यह सनक नहीं, सोची-समझी साजिश है’, पीड़ित परिवार से मिलकर जयराम ठाकुर ने उठाए जांच पर सवाल

Himachal News: मंडी जिले के सरकाघाट में हुए बहुचर्चित सिया हत्याकांड ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने नैण गांव पहुंचा। जयराम ठाकुर ने इस वारदात को केवल एक ‘सनक’ मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने आशंका जताई कि यह एक गहरी और सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकती है। भाजपा ने सरकार से मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है।

जयराम ठाकुर ने उठाए पुलिसिया थ्योरी पर गंभीर सवाल

पीड़ित परिवार के घर पहुंचे जयराम ठाकुर ने परिजनों को सांत्वना दी और घटना पर गहरा शोक प्रकट किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस तरह से छात्रा सिया की हत्या की गई, वह किसी सामान्य सनकी व्यक्ति का काम नहीं लगता। वारदात का तरीका और उसके बाद की परिस्थितियां कई अनसुलझे सवाल छोड़ती हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि मामले को दबाने की कोशिश न की जाए। पुलिस को हर संभावित एंगल से इस केस की तहकीकात करनी चाहिए।

पीड़ित परिवार की आंखों में आंसू और न्याय की पुकार

जब भाजपा नेता सिया के घर पहुंचे, तो वहां का माहौल अत्यंत गमगीन और भावुक हो गया। सिया के माता-पिता और उसकी बहन ने रोते हुए अपनी बेटी के लिए इंसाफ की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनकी होनहार बेटी के जाने से घर का चिराग बुझ गया है। जयराम ठाकुर ने परिजनों को गले लगाकर ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। न्याय दिलाने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने की दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग

इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय विधायक भी शामिल थे। सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि समाज में ऐसी घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो भविष्य के लिए एक नजीर बन सके। उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने साफ किया कि जब तक सिया को न्याय नहीं मिल जाता, वे चुप नहीं बैठेंगे।

समाज और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है यह केस

जयराम ठाकुर ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक परिवार का निजी दुख नहीं है। यह पूरे हिमाचल और हमारी सामाजिक व्यवस्था पर एक बड़ा आघात है। बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्थानीय जनता से भी शांति बनाए रखने और न्याय की लड़ाई में एकजुट होने की अपील की। अब सबकी नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

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