Business News: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। पश्चिमी एशिया में बढ़ते गंभीर संकट से कच्चे तेल की कीमतें अचानक आसमान छूने लगी हैं। इस वैश्विक दबाव के कारण घरेलू बाजार खुलते ही बुरी तरह लड़खड़ा गया।
शुरुआती कारोबार के दौरान ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स लगभग 800 अंक नीचे फिसल गया। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी 23,300 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे आ गया।
सुबह 09:30 बजे तक सेंसेक्स 73,860.65 अंक पर कारोबार कर रहा था, जो 1.06 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्शाता है। वहीं निफ्टी सूचकांक भी 0.92 फीसदी गिरकर 23,268.20 अंक के बेहद निचले स्तर पर आ गया।
बाजार खुलते ही निवेशकों को लगा तगड़ा झटका
इस अचानक आई बड़ी गिरावट के कारण बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप तेजी से घट गया। बाजार खुलने के शुरुआती 20 मिनट के भीतर ही निवेशकों की कुल संपत्ति में ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की बड़ी कमी आ गई।
एक दिन पहले बीएसई का कुल वैल्यूएशन ₹4,62,67,787.61 करोड़ दर्ज किया गया था। आज बाजार खुलते ही यह आंकड़ा गिरकर ₹4,58,20,622.26 करोड़ पर पहुंच गया। इस अचानक बिकवाली से चौतरफा नुकसान हुआ है।
एशियाई बाजारों से मिलने वाले मिले-जुले संकेतों ने भी भारतीय बाजार की कमजोरी को बढ़ाने का काम किया है। इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से छह बड़े अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण काम कर रहे हैं।
कच्चे तेल में उछाल और रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 1 फीसदी बढ़कर $97 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। दुनिया का 20 फीसदी तेल होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है, जिसके बंद होने की आशंका बढ़ गई है।
तेल संकट और विदेशी मुद्रा बाजार में सतर्कता के चलते भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 14 पैसे गिर गया। रुपया अब 95.50 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर है, जिससे आयात बिल और महंगाई बढ़ने की चुनौती खड़ी हो गई है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भी भारतीय बाजारों से लगातार भारी मात्रा में अपना पैसा निकाल रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने ₹8,363 करोड़ के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगड़ गया।
आईटी शेयरों में मुनाफावसूली और बॉन्ड यील्ड में वृद्धि
पिछले सत्रों में शानदार तेजी दर्ज करने के बाद आज निवेशकों ने आईटी शेयरों में जमकर मुनाफावसूली की। निफ्टी आईटी इंडेक्स में आज बड़ी गिरावट देखी गई, जिसने पूरे बाजार के निवेशकों का भरोसा कमजोर कर दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार धीमी आर्थिक विकास दर और बढ़ती महंगाई के कारण वित्त वर्ष 2027 में कंपनियों का मुनाफा धीमा रह सकता है। हालांकि घरेलू रिटेल निवेशकों का लगातार निवेश बाजार के लिए इस वक्त एकमात्र राहत की बात है।
वैश्विक अनिश्चितता के कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.457 फीसदी हो गई है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशक इक्विटी मार्केट से पैसा निकालकर वहां लगा रहे हैं, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
Author: Rajesh Kumar


