Business News: अमेरिकी सरकार के एक नए प्रस्ताव के कारण भारतीय वित्तीय बाजारों में बुधवार को भारी हलचल देखने को मिली। विदेशी मुद्रा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान ही भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 95.64 के स्तर पर आ गया।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (UTR) के नए प्रस्ताव से निवेशकों की धारणा पर बेहद नकारात्मक असर पड़ा है। अमेरिका ने भारत सहित 53 देशों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिससे बाजार में डर का माहौल है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोरी के साथ 95.43 पर खुला था। इसके तुरंत बाद बिकवाली के दबाव में यह फिसलकर 95.64 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पिछले कारोबारी दिन मंगलवार को भी रुपया 17 पैसे टूटकर 95.36 पर बंद हुआ था।
मजबूत हुआ डॉलर इंडेक्स और वैश्विक तेल बाजार में भी आई तेजी
इस बीच दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक (Dollar Index) 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.24 पर कारोबार कर रहा था। डॉलर की इस वैश्विक मजबूती से भारतीय मुद्रा पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है।
दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी तेजी का रुख देखा गया। वैश्विक मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) का भाव 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 96.79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के आयात बिल को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं।
घरेलू शेयर बाजार में मची हाहाकार, सेंसेक्स और निफ्टी हुए धड़ाम
मुद्रा बाजार के साथ-साथ घरेलू शेयर बाजार में भी बुधवार को शुरुआती कारोबार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) 699.74 अंक की भारी गिरावट के साथ सीधे 73,959.48 अंक के स्तर पर आ गया, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी (Nifty) भी 177.40 अंक फिसलकर 23,302.50 अंक के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को बाजार से भारी मात्रा में पैसा निकाला और 8,362.92 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
Author: Rajesh Kumar


