Baddi News: हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में फूड लाइसेंस की आड़ में चल रहे एक बड़े नशीले काले कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। यहां एक फर्जी कंपनी और फर्जी बैच नंबर का इस्तेमाल करके टोडोल नामक खतरनाक नशीली दवाएं धड़ल्ले से बनाई जा रही थीं। सिरमौर की एक नामी कंपनी के नाम पर बद्दी में यह अवैध धंधा चल रहा था। आरोपी इन नशीली दवाओं को कूरियर के माध्यम से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों में अवैध रूप से सप्लाई करते थे।
हेल्थ सप्लीमेंट के नाम पर प्रतिबंधित दवाओं का निर्माण
पुलिस और राज्य दवा नियंत्रक विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बद्दी फार्मा हब के इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच में सामने आया है कि बाहरी राज्यों के कुछ बड़े उद्योगपतियों ने यहां पैर पसारे थे। उन्होंने हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पाद बनाने के नाम पर यह पूरा सिंडिकेट खड़ा किया था। शुरुआती जांच में एएस केमिकल और जैना विजन नामक उद्योगों के नाम उजागर हुए हैं। ये कंपनियां न्यूट्रास्यूटिकल लाइसेंस की आड़ में ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम जैसी अत्यधिक प्रतिबंधित नशीली दवाएं बना रही थीं।
पुलिस ने आठ मई को बद्दी के सालासर कॉम्प्लेक्स में गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी दबिश दी थी। इस छापेमारी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने मौके से 2,23,084 नशीली गोलियां बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए अनुराग शुक्ला और शिव पूजन प्रजापति को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी अंकित को भी दबोच चुकी है। अब इन सभी के पुराने आपराधिक नेटवर्क और बड़े वित्तीय लेनदेन को खंगाला जा रहा है।
ब्लैक मार्केट में भारी मांग और छोटी फार्मा इकाइयों का इस्तेमाल
राज्य दवा नियंत्रक कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इन उद्योगों को न्यूट्रास्यूटिकल से संबंधित मुख्य लाइसेंस केंद्र सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं। जांच एजेंसियों को अब यह गहरा संदेह है कि बद्दी की कुछ छोटी और गुमनाम फार्मा यूनिटों का उपयोग इन प्रतिबंधित दवाओं के अवैध स्टोरेज और पैकेजिंग के लिए किया जा रहा था। ब्लैक मार्केट में इन नशीली गोलियों की भारी मांग है। वहां नशे के आदी लोगों को एक गोली करीब 100 रुपये तक में बेची जा रही थी।
इस प्रकार के संगठित काले कारोबार में कई और रसूखदार लोगों के शामिल होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। पुलिस इस मामले में अब तक तीन मुख्य आरोपियों शिव पूजन, अनुराग शुक्ला और अंकित को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे बेहद गहनता से पूछताछ की जा रही है। ड्रग विभाग और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई से बद्दी के औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

