Himachal Pradesh News: कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को बड़ा हादसा टल गया। खराब मौसम और तेज हवाओं के बीच एक पैराग्लाइडर को हाईवे पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट ने संयम नहीं खोया और सड़क पर सुरक्षित लैंडिंग कराई। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार पैराग्लाइडर कटराईं और रायसन के बीच उड़ान के दौरान अचानक तेज हवाओं की चपेट में आ गया। मौसम बिगड़ते ही उसकी दिशा बदलने लगी। पायलट ने पैराग्लाइडर को नियंत्रित रखने की कोशिश की, लेकिन तय लैंडिंग साइट तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
तेज हवाओं ने बदल दी उड़ान की दिशा
बताया जा रहा है कि पैराग्लाइडर ने डोभी साइट से उड़ान भरी थी। शुरुआत में मौसम सामान्य था, लेकिन कुछ देर बाद हालात बदल गए। हवा का दबाव बढ़ने से पैराग्लाइडर निर्धारित रास्ते से भटक गया। ऐसे में पायलट के सामने तुरंत सही फैसला लेने की चुनौती खड़ी हो गई।
हाईवे के ऊपर पैराग्लाइडर को नीचे आता देख वाहन चालकों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी फैल गई। लोग अचानक आसमान से सड़क की ओर आते पैराग्लाइडर को देखकर हैरान रह गए। हालांकि पायलट ने लैंडिंग से पहले स्थिति को परखा और सड़क पर सुरक्षित जगह चुनने की कोशिश की।
पायलट ने घबराने के बजाय संभाला मोर्चा
आपात स्थिति में पायलट ने घबराने के बजाय धैर्य रखा। उसने अपने अनुभव का इस्तेमाल किया और पैराग्लाइडर को धीरे-धीरे नीचे लाया। हाईवे पर यातायात मौजूद था, फिर भी लैंडिंग सावधानी से कराई गई। इसी वजह से किसी वाहन, राहगीर या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पूरा घटनाक्रम कुछ ही पलों में हुआ। सड़क पर मौजूद लोग पहले डर गए, लेकिन सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी ने राहत की सांस ली। कई लोगों ने पायलट की सूझबूझ की सराहना की। लोगों का कहना था कि थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा करा सकती थी।
वायरल वीडियो के बाद सुरक्षा पर फिर चर्चा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में पैराग्लाइडर को कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतरते देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद साहसिक खेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा तेज हो गई। कुल्लू-मनाली क्षेत्र पैराग्लाइडिंग के लिए लोकप्रिय माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बदलते मौसम में पैराग्लाइडिंग बेहद जोखिम भरी हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में हवा की दिशा अचानक बदल जाती है। ऐसे हालात में पायलट की ट्रेनिंग, अनुभव और तुरंत फैसला लेने की क्षमता बहुत जरूरी हो जाती है। इस मामले में यही सतर्कता काम आई।
कुल्लू-मनाली में पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में सैलानी साहसिक गतिविधियों का आनंद लेते हैं। पैराग्लाइडिंग भी इनमें प्रमुख है। मौसम खराब होने पर उड़ान जारी रखना खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए उड़ान से पहले मौसम, हवा की गति और लैंडिंग साइट की स्थिति की जांच जरूरी मानी जाती है।
शनिवार की इस घटना ने फिर दिखा दिया कि पहाड़ों में मौसम पलभर में बदल सकता है। राहत की बात रही कि पायलट ने हालात को समय रहते समझ लिया। उसने सुरक्षित लैंडिंग कराकर अपनी और सड़क पर मौजूद लोगों की जान को खतरे से बचा लिया।
Author: Sunita Gupta

