Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के शहरी निकाय चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद सुक्खू सरकार अब पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्रों पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी। चुनावों के लिए राज्य में लागू आचार संहिता हटते ही सरकार अपनी महत्वकांक्षी योजना ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने जा रही है।
इस बड़े जनसंपर्क अभियान की शुरुआत खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे। सरकार प्रदेश के बेहद दूर-दराज और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में जाकर आम जनता की गंभीर समस्याओं को सुनेगी। मुख्यमंत्री के स्तर पर इस योजना को लेकर एक विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों को सौंपी जाएगी जिलों की जिम्मेदारी
इस महाअभियान में मुख्यमंत्री के अलावा सभी कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ विधायकों को भी सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा। निकाय चुनाव की सफलता के बाद कांग्रेस सरकार अब आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटेगी। इसके लिए प्रत्येक मंत्री और कद्दावर विधायक को एक-एक जिला सौंपा जाएगा।
ये सभी मंत्री संबंधित गांवों का दौरा करेंगे और वहां जन दरबार लगाएंगे। मुख्यमंत्री ने पहले ही साफ कर दिया था कि शासन को जनता के घर तक लाया जाएगा। उन्होंने इस अनूठे कार्यक्रम की शुरुआत डोडरा क्वार जैसे सुदूर क्षेत्र से की थी, जिसके बाद कई जिलों का दौरा हुआ।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री का अगला विशेष दौरा सिरमौर और कांगड़ा जिले के दूर-दराज क्षेत्रों में होने की पूरी उम्मीद है। वे इन इलाकों का स्वयं दौरा करेंगे और ग्रामीणों की बुनियादी समस्याओं का त्वरित समाधान करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय जल्द ही इन दौरों की अंतिम तिथियां निर्धारित करेगा।
दफ्तरों के चक्करों से मिलेगी मुक्ति और मौके पर होगा निपटारा
कैबिनेट मंत्रियों के ग्रामीण कार्यक्रमों की तिथियां संबंधित जिले के उपायुक्त (DC) तय करेंगे। इस जनहित कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि लोगों की शिकायतों का समाधान मौके पर ही कर दिया जाएगा। इससे ग्रामीणों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
Author: Sunita Gupta


