Voter List Update: हिमाचल पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त, क्या समय से पहले होंगे चुनाव और क्या है नया नियम?

Himachal Pradesh News: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला का दौरा किया। वहां उन्होंने चुनाव अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों के साथ एक अहम रिव्यू मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने राज्य की वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने में बूथ लेवल अधिकारियों की तारीफ

मुख्य चुनाव आयुक्त ने पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सटीक वोटर लिस्ट ही हमारे लोकतंत्र की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। इसे शुद्ध बनाए रखने में बूथ लेवल अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयोग पूरी चुनावी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाएगा।

यह महत्वपूर्ण दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब राज्य की सभी अड़सठ विधानसभा सीटों के लिए नवंबर दो हजार सत्ताइस में चुनाव होने संभावित हैं। चुनाव आयोग ने अभी से ही अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों का मुख्य फोकस वर्तमान वोटर लिस्ट को एकदम दुरुस्त करना है।

चार राज्यों में विशेष अभियान का तीसरा चरण शुरू

इस बीच चुनाव आयोग ने बताया कि ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में एसआईआर का तीसरा फेज चल रहा है। इन राज्यों में यह स्पेशल प्रोसेस तीन मई दो हजार छब्बीस से लगातार जारी है। इसका उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों को वोटर लिस्ट से जोड़ना है।

जिन योग्य वोटर्स के गणना फॉर्म अट्ठाईस जून दो हजार छब्बीस तक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के पास जमा हो जाएंगे, उनके नाम नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल होंगे। इसके बाद छूटे हुए लोग तय समय के भीतर फॉर्म नंबर छह भरकर अपना नया आवेदन ऑनलाइन दे सकेंगे।

बीएलओ घर-घर जाकर बांट रहे हैं विशेष फॉर्म

इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी सीधे जनता के घर-घर जाकर फॉर्म उपलब्ध करवा रहे हैं। लोग इन भरे हुए फॉर्मों को अधिकारियों के माध्यम से या सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर भी सबमिट कर सकते हैं। आयोग हर नागरिक तक अपनी पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।

सभी बूथ लेवल अधिकारियों को अपने साथ कम से कम तीस खाली फॉर्म नंबर छह और जरूरी डिक्लेरेशन फॉर्म रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे नए मतदाताओं को मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी। राजनीतिक दलों के एजेंट्स भी हर दिन पचास फॉर्म कलेक्ट कर सकते हैं।

आयोग ने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पार्टियों से ज्यादा से ज्यादा बूथ एजेंट्स नियुक्त करने की अपील की है। संविधान के अनुच्छेद तीन सौ चौबीस और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चौदह मई को सोलह राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में यह बड़ा आदेश लागू किया गया था।

Author: Sunita Gupta

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