बंगाल मॉडल से उत्तराखंड फतह करेगी भाजपा, नितिन नवीन की दो टूक- ‘कार्यकर्ता ही असली ताकत, सरकार तो बोनस है’

Dehradun News: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने उत्तराखंड प्रवास के दौरान सबसे पहले प्रदेश संगठन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने आगामी चुनावी तैयारियों की व्यापक समीक्षा की।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्हें भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि पार्टी अब पश्चिम बंगाल की तर्ज पर उत्तराखंड में भी मजबूत संगठन के बलबूते चुनावी मैदान में उतरेगी। संगठन की मजबूती ही जीत का मुख्य आधार बनेगी।

सरकार का काम सिर्फ बोनस, संगठन से जीते जाते हैं चुनाव

कोर कमेटी के साथ हुई गंभीर चर्चा में नितिन नवीन ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की लोक-कल्याणकारी उपलब्धियां भाजपा के लिए केवल एक बोनस की तरह हैं। असल चुनाव तो हमेशा मजबूत संगठन, सक्रिय बूथ प्रबंधन और समर्पित कार्यकर्ताओं के दम पर ही जीते जाते हैं।

उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए समझाया कि वहां भाजपा सत्ता में नहीं थी। इसके बावजूद बूथ स्तर तक मजबूत संगठन, पन्ना प्रमुख व्यवस्था और घर-घर संपर्क अभियान के दम पर पार्टी ने खुद को स्थापित किया। यही रणनीति अब उत्तराखंड के हर बूथ पर लागू की जाएगी।

इस उच्चस्तरीय बैठक में संगठन की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने और प्रशिक्षण अभियानों को गति देने पर सहमति बनी। इसके साथ ही युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, सोशल मीडिया और आईटी विभाग की भूमिका को पहले से ज्यादा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।

पार्टी नेतृत्व ने पर्वतीय क्षेत्रों में सांगठनिक सक्रियता बढ़ाने और जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर फोकस किया है। इसके अलावा रोजगार, स्वास्थ्य, सड़क, आपदा प्रबंधन, चारधाम यात्रा और सीमांत क्षेत्रों के विकास जैसे अहम मुद्दों को चुनावी रणनीति का हिस्सा बनाया गया है।

कमजोर सीटों के लिए मुख्यमंत्री संग बनाया स्पेशल प्लान

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्रिमंडल समूह के साथ भी मैराथन बैठक की। इस दौरान मंत्रियों के कामकाज और उनके विभागों के प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड आधारित कड़ा आकलन किया गया। सरकार और संगठन को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए।

इस बैठक में पिछले चुनाव में कम अंतर से जीती गई और संगठनात्मक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही सीटों पर विशेष रणनीति बनाई गई। इन हाई रिस्क सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए सरकार और संगठन की एक संयुक्त एक्शन टीम काम करेगी।

Author: Harish Rawat

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