Bihar News: बिहार की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार से ठीक पहले अपने दूसरे दिल्ली दौरे पर हैं। रविवार का पूरा दिन बैठकों के मैराथन के नाम रहेगा, जहां वे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे। इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ होने वाली बैठक है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में मंत्रिमंडल के अंतिम नामों पर मुहर लग सकती है।
दिल्ली में बैठकों का महाकुंभ और सियासी समीकरण
सम्राट चौधरी का दिल्ली शेड्यूल काफी व्यस्त रहने वाला है। उन्होंने सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर राजनीतिक फीडबैक साझा किया। इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के साथ उनकी अहम चर्चाएं निर्धारित हैं। दोपहर में वे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से मिलेंगे। शाम का समय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के लिए आरक्षित है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य एनडीए के भीतर समन्वय बनाना है।
मंत्रिमंडल में नए चेहरों की एंट्री पर सस्पेंस
6 मई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक भाजपा कोटे से कुल 16 मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। खबर है कि पार्टी 13 पुराने चेहरों को बरकरार रखते हुए 3 नए चेहरों को मौका दे सकती है। इन तीन नामों को लेकर पार्टी के भीतर गहन मंथन चल रहा है। भाजपा नेतृत्व चाहता है कि नए मंत्रियों के चयन में जातिगत समीकरणों और आगामी चुनावी चुनौतियों का पूरा ध्यान रखा जाए।
जदयू और अन्य घटक दलों का क्या है रुख?
जदयू खेमे की बात करें तो वहां बड़े बदलाव की गुंजाइश कम दिखाई दे रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सूत्रों का कहना है कि वहां से भी 2-3 नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। एनडीए के अन्य छोटे घटक दलों ने भी अपने कोटे के नाम लगभग तय कर लिए हैं। सम्राट चौधरी ने दिल्ली रवाना होने से पहले नीतीश कुमार के साथ करीब आधे घंटे तक गुप्त मंत्रणा की थी। इस बैठक में मंत्रिमंडल के अंतिम फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया गया।
भव्य होगा शपथ ग्रहण समारोह और राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी
बिहार में हाल ही में हुआ मुख्य शपथ ग्रहण समारोह काफी सादगी भरा था। लेकिन अब होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को भव्य बनाने की पूरी तैयारी है। इस खास मौके पर भाजपा के कई राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेता पटना पहुंच सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा इस विस्तार के जरिए राज्य में एक नया संदेश देना चाहती है। फिलहाल सबकी निगाहें दिल्ली की बैठकों पर टिकी हैं, जहां से नए मंत्रियों की सूची फाइनल होकर पटना आएगी।


