हिमाचल निकाय चुनाव के नतीजों ने पलटी सूबे की सियासत, मनाली में भाजपा का ऐतिहासिक सूपड़ा साफ, डिप्टी सीएम के घर में बड़ा उलटफेर!

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों सहित 51 शहरी निकायों के चुनावी नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। रविवार को 25 नगर परिषदों और 22 नगर पंचायतों के लिए बंपर वोटिंग के बाद देर शाम परिणाम घोषित कर दिए गए।

इस चुनावी महामुकाबले में सबसे बड़ा उलटफेर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह विधानसभा क्षेत्र हरोली में देखा गया। हरोली की टाहलीवाल नगर पंचायत में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की है। यहां भाजपा समर्थित पांच और कांग्रेस समर्थित केवल दो प्रत्याशी ही जीत हासिल कर सके हैं।

मनाली में भाजपा का क्लीन स्वीप, देहरा में लगा तगड़ा झटका

कुल्लू जिले की मनाली नगर परिषद में भाजपा ने एक नया इतिहास रच दिया है। भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने मनाली की सभी सात सीटों पर एकतरफा कब्जा जमाया है। यह पहली बार है जब कांग्रेस इस गढ़ में खाता खोलने के लिए भी पूरी तरह तरस गई है।

दूसरी तरफ कांगड़ा के देहरा में भाजपा को बहुत करारा झटका लगा है। लगातार अध्यक्ष पद पर काबिज रहने वाली भाजपा यहां केवल दो सीटों पर सिमट गई। तीन बार नगर परिषद अध्यक्ष रही भाजपा की सुनीता कुमारी को 44 मतों से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।

नेरचौक और ज्वालामुखी में कांग्रेस को मिला प्रचंड बहुमत

मंडी जिले की नेरचौक नगर परिषद में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। नेरचौक में सात कांग्रेस, एक भाजपा और एक निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहा। वहीं कांगड़ा के ज्वालामुखी में कांग्रेस ने नौ में से सात वार्ड जीतकर एकतरफा कब्जा जमाया है।

सिरमौर जिले की नाहन नगर परिषद में भाजपा ने जीत की ऐतिहासिक हैट्रिक लगाई है। नाहन के 13 वार्डों में से सात सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। वहीं करसोग नगर पंचायत में कांग्रेस ने पांच सीटों पर कब्जा करके भाजपा को एक सीट पर समेट दिया।

सरकाघाट और जोगेंद्रनगर में लहराया भगवा परचम

मंडी के सरकाघाट नगर परिषद में भाजपा ने शानदार बाजी मारी है। यहां भाजपा के चार और कांग्रेस के तीन पार्षदों ने जीत दर्ज की। बहुमत के साथ भाजपा का अध्यक्ष बनना तय है। जोगेंद्रनगर में भी चार भाजपा समर्थित और तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।

शिमला जिले के ठियोग और रामपुर में मुकाबला पूरी तरह बराबरी पर छूट गया है। ठियोग में तीन भाजपा, तीन कांग्रेस और एक निर्दलीय प्रत्याशी जीता। वहीं रामपुर में भी चार कांग्रेस, चार भाजपा और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने बाजी मारकर मुकाबला बेहद दिलचस्प बना दिया।

अम्ब में टॉस से जीती कांग्रेस, सुजानपुर में निर्दलीय बने किंगमेकर

ऊना की अम्ब नगर पंचायत में मुकाबला टाई होने के बाद सिक्का उछालकर (टॉस) फैसला किया गया। वार्ड-दो में टॉस के जरिए कांग्रेस की अनुसुया विजयी रहीं। इस लॉटरी की बदौलत अम्ब में कांग्रेस को पांच और भाजपा को चार सीटें मिली हैं।

हमीरपुर के सुजानपुर नगर परिषद में सत्ता की चाबी पूरी तरह निर्दलीय उम्मीदवारों के हाथों में आ गई है। सुजानपुर में चार आजाद, तीन भाजपा और दो कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जीते हैं। भोटा नगर पंचायत में भी चार निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज करके बढ़त बनाई है।

कोटखाई में भाजपा और राजगढ़ में कांग्रेस की हुई बड़ी जीत

शिमला की कोटखाई नगर पंचायत में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया है। यहां भाजपा समर्थित पांच और कांग्रेस के केवल दो उम्मीदवारों को जीत मिली। वहीं सिरमौर की राजगढ़ नगर पंचायत में कांग्रेस ने सात में से पांच वार्ड जीतकर क्लीन स्वीप किया है।

कांगड़ा के नूरपुर नगर परिषद में भी सत्तारूढ़ कांग्रेस को बड़ी बढ़त मिली है। नूरपुर में छह कांग्रेस और तीन भाजपा समर्थित प्रत्याशी चुनाव जीतने में सफल रहे। सोलन के परवाणू के नौ वार्डों में से आठ के नतीजों में भाजपा-कांग्रेस चार-चार की बराबरी पर हैं।

सूबे में हुआ 72 फीसदी बंपर मतदान, 10 पार्षद निर्विरोध चुने गए

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रदेशभर में करीब 72 प्रतिशत के आसपास भारी मतदान दर्ज किया गया है। ऊना जिले के शहरी निकायों में सबसे ज्यादा 77 फीसदी वोटिंग हुई। इस बार कुल 449 पदों में से 10 पार्षदों का चयन पहले ही निर्विरोध हो चुका था।

निर्विरोध चुने गए पार्षदों में नेरवा के चार, करसोग के दो, ज्वालामुखी, बंजार, रिवालसर और चिड़गांव के एक-एक उम्मीदवार शामिल हैं। शेष 439 पदों के लिए 560 पोलिंग बूथों पर कुल 1147 प्रत्याशी मैदान में थे। इस बार सुबह से ही वोटरों में भारी उत्साह था।

2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल हैं ये नगर निगम चुनाव

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हो रहे इन चुनावों को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। यही वजह है कि दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों ने प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। हालांकि चारों प्रमुख नगर निगमों के नतीजे आगामी 31 मई को आएंगे।

इस स्थानीय चुनाव के तहत सबसे अधिक 80 पार्षदों का चयन कांगड़ा जिले में किया जाएगा। इसके अलावा मंडी में 65, शिमला में 58, सोलन में 49 और ऊना में 48 पार्षद चुने जाएंगे। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने जनता का आभार जताया है।

Author: Harikarishan Sharma

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