Delhi News: पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग ने नौ लोगों की जिंदगी निगल ली। दमकल विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब पंद्रह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट के कारण एयर कंडीशनर (एसी) का कंप्रेसर फटने को आग की मुख्य वजह माना जा रहा है। धुएं के कारण दम घुटने से अधिकांश मौतें हुई हैं।
इलेक्ट्रॉनिक लॉक और लोहे की जालियां बनीं रुकावट
हादसे के वक्त इमारत में लगे हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम काल बन गए। बिजली कटने या तकनीकी खराबी के कारण ये दरवाजे खुले ही नहीं। इस वजह से लोग फ्लैटों के अंदर ही कैद होकर रह गए। इसके अलावा सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की भारी जालियों और ग्रिल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद मुश्किल बना दिया। बचाव दल को अंदर घुसने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी, जिससे कीमती समय बर्बाद हो गया।
दूसरी मंजिल से शुरू होकर पूरी इमारत में फैली आग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इमारत की दूसरी मंजिल से शुरू हुई थी। कुछ ही मिनटों में आग की लपटों ने पूरी चार मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। रविवार तड़के करीब 3:35 बजे दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग इतनी भयानक थी कि संकरी सीढ़ियों से लोगों का नीचे उतरना नामुमकिन हो गया। कमरों में काला धुआं भर जाने के कारण लोग सही रास्ता नहीं ढूंढ सके और बेहोश हो गए।
पीछे के फ्लैटों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित
हादसे वाली इस बिल्डिंग में कुल आठ फ्लैट बने हुए हैं। इनमें चार सामने और चार पीछे की तरफ स्थित हैं। पीछे वाले फ्लैटों में वेंटिलेशन और बाहर निकलने के रास्ते बेहद सीमित थे। ग्रिल से पूरी तरह बंद होने के कारण वहां फंसे लोगों को भागने का कोई मौका नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।
पुलिस और प्रशासन का सर्च ऑपरेशन अब भी जारी
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीना ने बताया कि घटनास्थल पर राहत कार्य लगातार जारी है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें बिल्डिंग के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से तलाशी ले रही हैं। मलबे के नीचे किसी और के दबे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। प्रशासन अब बिल्डिंग के निर्माण और फायर सेफ्टी मानकों की भी जांच कर रहा है।


