पार्टी से निकलते ही गरजे नीरज भारती, सुक्खू सरकार को दी खुली चुनौती, क्या टूट जाएगी हिमाचल कांग्रेस?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की सियासत में इस समय बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। जिला कांगड़ा कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती को छह साल के लिए बाहर कर दिया है। इसके तुरंत बाद ही दिग्गज नेता नीरज भारती ने एक वीडियो जारी करके पूरी सरकार को हिला कर रख दिया है।

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हाई कमान को नीरज भारती का कड़ा और दो टूक जवाब

पूर्व मुख्य संसदीय सचिव ने अपने निष्कासन पर बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दिल्ली हाई कमान और प्रदेश नेतृत्व को सीधी चुनौती दी है। भारती ने कहा कि उन्हें छह साल क्या, बल्कि पचास साल के लिए भी बाहर कर दें, उन्हें इस बात की रत्ती भर भी परवाह नहीं है।

उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि जब जनता के काम ही नहीं हो रहे, तो उन्हें ऐसी पार्टी की कोई जरूरत नहीं है। भारती ने स्पष्ट किया कि वे भारतीय जनता पार्टी में भी शामिल नहीं होने जा रहे हैं। वे अब पूरी तरह स्वतंत्र रहकर बिना किसी मानसिक बोझ के राजनीति करना पसंद करेंगे।

मुख्यमंत्री सुक्खू और प्रदेश अध्यक्ष को भेजा तीखा वीडियो

नीरज भारती ने अपना यह बयान वाला वीडियो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सीधे भेजा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा को भी यह संदेश भेज दिया है। इस कड़े कदम से पूरी हिमाचल सरकार के भीतर हड़कंप मच गया है।

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कांग्रेस पार्टी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस छिड़ गई है। राजनीतिक विश्लेषक और आम जनता इस फैसले को बेहद जल्दबाजी में लिया गया कदम बता रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि यह फैसला आगामी समय में कांग्रेस पार्टी को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।

कांगड़ा में मजबूत पकड़ और आगामी चुनावों पर सीधा असर

कांगड़ा क्षेत्र के भीतर नीरज भारती की जमीनी पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है। वे इलाके में अपनी साफ-सुथरी और जनहित की राजनीति के लिए काफी लोकप्रिय हैं। क्षेत्र का बड़ा युवा वर्ग उनके साथ मजबूती से खड़ा है। इस वजह से साल 2027 के विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर हो सकता है।

सोशल मीडिया पर लोग मुख्यमंत्री सुक्खू के इस फैसले को बड़ी राजनीतिक भूल बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतने छोटे मामले पर सीधे निष्कासन का असर चुनाव में दिखेगा। इससे कांग्रेस पार्टी की सीटें बहुत कम हो सकती हैं। फिलहाल दोनों ही पक्ष अपने रुख पर पूरी तरह अड़े हुए हैं।

Author: Sunita Gupta

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