नेरवा दौरे पर सीएम सुक्खू की घोषणाओं पर बवाल, भाजपा पहुंची चुनाव आयोग, पांच करोड़ के ऐलान पर सवाल

Himachal Pradesh News: हिमाचल भाजपा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेरवा दौरे को लेकर राज्य चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि पंचायती राज चुनावों के दौरान लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता के बीच मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से नई वित्तीय घोषणाएं कीं, जो चुनाव नियमों के खिलाफ हैं।

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भाजपा के मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा गया है कि प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के कारण आचार संहिता प्रभावी है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने 27 मई को नेरवा दौरे के दौरान सरकारी स्कूल के लिए नई वित्तीय घोषणाएं कर दीं।

पांच करोड़ की घोषणा पर बढ़ा विवाद

भाजपा के अनुसार मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेरवा के दौरे के दौरान करीब पांच करोड़ रुपए की लागत से नए भवन निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा स्कूल से जुड़ी अन्य सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर भी आश्वासन दिए गए। भाजपा ने इसे चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाला कदम बताया है।

शिकायत पत्र में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया जारी रहने के दौरान नई योजनाओं और वित्तीय घोषणाओं से मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। भाजपा का आरोप है कि सरकारी मंच और संसाधनों का उपयोग कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश हुई, जो आदर्श चुनाव आचार संहिता की भावना के खिलाफ है।

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भाजपा ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

कर्ण नंदा ने कहा कि मुख्यमंत्री का नेरवा दौरा और वहां की गई घोषणाएं चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास प्रतीत होती हैं। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

भाजपा ने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों और नेताओं पर समान नियम लागू होने चाहिए। पार्टी का दावा है कि यदि इस तरह की घोषणाओं पर कार्रवाई नहीं होती तो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

चुनाव आयोग ने मांगी शिक्षा सचिव से रिपोर्ट

भाजपा की शिकायत के बाद राज्य चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने शिक्षा सचिव से पांच करोड़ रुपए की घोषणा से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री जिस कार्यक्रम में नेरवा स्कूल पहुंचे थे, वह शिक्षा विभाग से जुड़ा कार्यक्रम बताया जा रहा है।

राज्य चुनाव आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने संबंधित अधिकारियों को 30 मई दोपहर तक रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। अब सभी की नजर आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। इस मामले ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और चुनावी माहौल और अधिक गर्मा गया है।

Author: Harikarishan Sharma

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