हरियाणा की राजनीति में फिर छाए पूर्व सांसद बृजेन्द्र सिंह, माता बगलामुखी के दर्शन के बाद चर्चाएं तेज

Chandigarh News: हरियाणा की राजनीति में पूर्व सांसद एवं पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी बृजेन्द्र सिंह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी पत्नी के साथ हिमाचल प्रदेश स्थित प्रसिद्ध माता बगलामुखी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस धार्मिक यात्रा के बाद प्रदेश में उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।

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बृजेन्द्र सिंह की 90 विधानसभा क्षेत्रों की पदयात्रा से हलचल

लोकसभा चुनाव के बाद बृजेन्द्र सिंह ने हरियाणा की सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में एक व्यापक पदयात्रा की थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार करना था।

भूपिंदर सिंह हुड्डा और कांग्रेस की गुटीय राजनीति के मायने

हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने इसे बृजेन्द्र सिंह की निजी यात्रा करार दिया था। इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी प्रदेशव्यापी जनसंपर्क यात्रा केवल व्यक्तिगत कार्यक्रम नहीं हो सकती। इसके पीछे भविष्य के बड़े राजनीतिक मायने छिपे हुए हैं।

राहुल गांधी की मौजूदगी से यात्रा को मिला राष्ट्रीय समर्थन

बृजेन्द्र सिंह की इस पदयात्रा को उस समय और अधिक बल मिला, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी स्वयं उनकी यात्रा में शामिल हुए। राहुल गांधी की उपस्थिति को केंद्रीय नेतृत्व द्वारा बृजेन्द्र सिंह के प्रति बड़े विश्वास के रूप में देखा गया। इससे उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला है।

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प्रशासनिक सेवा से लेकर संसद तक का शानदार सफर

बृजेन्द्र सिंह का प्रशासनिक करियर भी अत्यंत उल्लेखनीय रहा है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। बाद में उन्होंने स्वैच्छिक इस्तीफा देकर सक्रिय राजनीति चुनी। भाजपा के टिकट पर उन्होंने हिसार लोकसभा सीट से शानदार जीत दर्ज कर संसद तक का सफर तय किया था।

भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने के बाद बदले समीकरण

उनके पिता एवं हरियाणा के दिग्गज नेता चौधरी बीरेन्द्र सिंह ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था, जिसके बाद बृजेन्द्र सिंह भी कांग्रेस में आ गए। हालांकि टिकट वितरण के समीकरणों के चलते लोकसभा चुनाव में उन्हें हिसार से उम्मीदवार नहीं बनाया गया था, फिर भी वे क्षेत्र में सक्रिय रहे।

साफ-सुथरी छवि के साथ युवा नेतृत्व के रूप में पहचान

बृजेन्द्र सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनकी साफ-सुथरी छवि और युवाओं के बीच बढ़ती स्वीकार्यता मानी जाती है। पदयात्रा के दौरान उन्होंने किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और व्यापारियों से लगातार संवाद किया। इससे ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी उनकी पहचान एक सक्रिय जननेता के रूप में मजबूत हुई है।

भविष्य की राजनीति में बड़ी भूमिका मिलने की उम्मीद

हरियाणा कांग्रेस में संगठन को लेकर लगातार नए समीकरण बन रहे हैं। ऐसे समय में बृजेन्द्र सिंह की सक्रियता और राष्ट्रीय नेतृत्व से निकटता उन्हें भविष्य का एक महत्वपूर्ण चेहरा बना रही है। आने वाले समय में कांग्रेस संगठन में उन्हें कौन-सी बड़ी जिम्मेदारी मिलती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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