Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय ठाकुर रामलाल के विकास मॉडल की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि रामलाल का काम आज भी राज्य के लिए एक बड़ी मिसाल है। उन्होंने शिक्षा, कृषि, बागवानी, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को हमेशा प्राथमिकता दी थी।
कोटखाई में आयोजित स्मरण सभा में पहुंचे कई वरिष्ठ नेता
यह बात शिक्षा मंत्री ने कोटखाई में आयोजित एक श्रद्धांजलि एवं स्मरण सभा के दौरान कही। यह कार्यक्रम आंध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल ठाकुर रामलाल की 24वीं पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ था। इस मौके पर ठियोग के विधायक कुलदीप राठौर, पंचायती राज प्रतिनिधि और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
रोहित ठाकुर ने कहा कि स्वर्गीय ठाकुर रामलाल जनता से गहरा जुड़ाव रखने वाले जनप्रिय नेता थे। उन्होंने हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री के रूप में काम किया था। इसके बाद वह तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) पद पर भी रहे।
जुब्बल-कोटखाई से लगातार नौ बार विधायक चुने जाने का रिकॉर्ड
शिक्षा मंत्री ने बताया कि जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से लगातार नौ बार विधायक चुना जाना बेहद ऐतिहासिक है। वह अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी चुनाव (Election) नहीं हारे। यह ऐतिहासिक जीत उनके प्रति स्थानीय जनता के अटूट विश्वास और गहरे सम्मान को साफ दर्शाती है।
ठाकुर रामलाल के कार्यकाल में क्षेत्र में सड़कों का नेटवर्क (Network) तेजी से फैला था। कई दूरदराज के गांव पहली बार मुख्य सड़कों से जुड़े थे। इसके अलावा प्रदेश में उच्च शिक्षा, कृषि और बागवानी (Horiculture) अनुसंधान को मजबूत करने में भी उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।
विश्वविद्यालयों की स्थापना और बागवानी क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, नौणी यूनिवर्सिटी (University) और पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना में उनकी मुख्य भूमिका थी। सेब बागवानी के विस्तार और सीए स्टोर (CA Store) जैसी आधुनिक सुविधाओं की नींव भी उन्होंने ही रखी थी। मंडी मध्यस्थता योजना ने किसानों को बड़ा आर्थिक सहारा दिया।
ठाकुर रामलाल ने भूमिहीन और कमजोर वर्गों को जमीन के मालिकाना हक दिए थे। उनके समय में युवाओं को बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां (Government Jobs) मिलीं। आईटीआई (ITI) जुब्बल की स्थापना भी उनकी एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान और बनाया चुनावी रिकॉर्ड
एक साधारण किसान परिवार से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर (National Level) पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। साल 1980 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें उत्तर प्रदेश चुनाव का प्रभारी बनाया था। वहां उनके कुशल नेतृत्व में कांग्रेस (Congress) पार्टी ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।
वर्ष 1972 के चुनाव में रामलाल को कुल पड़े वोटों का लगभग 95 फीसदी समर्थन मिला था। यह उस समय पूरे देश में एक बड़ा रिकॉर्ड (Record) था। विधायक कुलदीप राठौर ने भी उन्हें एक सरल, विनम्र और जनसेवा को प्राथमिकता देने वाला महान नेता बताया।
