Chandigarh News: हरियाणा सरकार महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के निर्भया फंड के तहत 100 से 200 करोड़ रुपये तक की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं का प्रस्ताव दिल्ली भेजा है।
त्वरित पुलिस सहायता और न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम पर फोकस
इन नई परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं तक त्वरित पुलिस सहायता पहुंचाना, मजबूत डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क विकसित करना और आपातकालीन स्थिति में रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करना है। डीजीपी अजय सिंघल के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने इन योजनाओं की तैयारियां काफी तेज कर दी हैं।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात होगा पिंक पीसीआर नेटवर्क
प्रस्तावित योजना के तहत पहली बार महिलाओं के लिए समर्पित पिंक पीसीआर नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इन विशेष पुलिस वाहनों की तैनाती उन क्षेत्रों में होगी, जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है। छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा जैसी शिकायतों पर यही टीमें सबसे पहले पहुंचेंगी।
वर्किंग वुमन पोर्टल बनेगा सुरक्षा का डिजिटल प्लेटफॉर्म
सरकार वर्किंग वुमन पोर्टल को महिलाओं के लिए एकीकृत डिजिटल सुरक्षा मंच के रूप में विकसित करेगी। इस पोर्टल पर सुरक्षा संबंधी शिकायत दर्ज कराने, हेल्पलाइन से जुड़ने और आपातकालीन सहायता मांगने की सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से नौकरीपेशा महिलाओं को इससे सीधा फायदा होगा।
महिला सुरक्षा ढांचे का प्रदेश में होगा बड़ा विस्तार
राज्य सरकार पहले ही सात नए महिला पुलिस थाने और 150 नई इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स शुरू करने की घोषणा कर चुकी है। अब निर्भया फंड की नई परियोजनाओं को इसी नेटवर्क से जोड़कर महिला सुरक्षा की एक समग्र और तकनीक आधारित व्यवस्था बनाई जाएगी।
जानिए क्यों महत्वपूर्ण है केंद्र सरकार का निर्भया फंड
दिसंबर 2012 के दिल्ली हादसे के बाद केंद्र सरकार ने वर्ष 2013 में निर्भया फंड की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य राज्यों को महिला सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता देना है। इसके तहत वन स्टॉप सेंटर और सीसीटीवी निगरानी जैसी योजनाएं चलती हैं।
डीजीपी अजय सिंघल ने परियोजनाओं पर दिया बड़ा बयान
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़ी कई परियोजनाओं के लिए निर्भया फंड के तहत 100 से 200 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलने की उम्मीद है। पिंक पीसीआर और वर्किंग वुमन पोर्टल से महिलाओं को तेज सहायता मिलेगी।

