Jind News: अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ गुप्ता की माननीय अदालत ने साल 2019 के एक चर्चित हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दो महिलाओं सहित पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सख्त सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों पर 28-28 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस प्रवक्ता राजेश शर्मा ने बताया कि यह मुकद्दमा थाना सदर जींद में दर्ज किया गया था।
शाहपुर गांव में आपसी झगड़े के दौरान हुई थी हत्या
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार 15 जून 2019 को भारतीय दंड संहिता (भा.द.सं.) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत यह केस दर्ज किया गया था। मामले के शिकायतकर्त्ता कप्तान निवासी शाहपुर ने पुलिस को बताया था कि उनके चाचा वीरेंद्र शाहपुर गांव के ही रहने वाले थे।
चाचा वीरेंद्र की प्रदीप, मुकेश, दिनेश, कैलाशो और राजबाला निवासी शाहपुर के साथ किसी बात को लेकर आपसी झड़प हो गई थी। इस हिंसक झगड़े में लगी गंभीर चोटों के कारण वीरेंद्र की इलाज के दौरान दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इस शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
गहन जांच और प्रभावी पैरवी से कोर्ट ने माना दोषी
थाना सदर जींद पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए वैज्ञानिक और चश्मदीद साक्ष्य एकत्र किए थे। पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद सभी पांचों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित न्यायालय में समय पर चालान (चार्जशीट) पेश किया गया था।
मामले की लंबी सुनवाई के उपरांत माननीय अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ गुप्ता की अदालत ने आरोपी प्रदीप, मुकेश, दिनेश, कैलाशो तथा राजबाला को भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 149, 302, 323, 506 एवं 449 के तहत पूरी तरह दोषी पाया और सजा का ऐलान किया।

