Patna News: बिहार में उच्च शिक्षा को लेकर छात्रों की दिलचस्पी में लगातार बड़ी गिरावट देखी जा रही है। कॉलेज एडमिशन के नए आंकड़े इस चिंताजनक बदलाव की पुष्टि कर रहे हैं। वर्तमान सत्र 2025-26 में राज्य के कॉलेजों में कुल एनरोलमेंट घटकर केवल 6.9 लाख रह गया है।
पिछले सत्र 2024-25 में यह आंकड़ा 7.4 लाख दर्ज किया गया था। यानी मात्र एक साल के भीतर करीब 50 हजार छात्र कम हुए हैं। पिछले दो वर्षों की बात करें तो लगभग 70 हजार छात्रों ने कॉलेज की पढ़ाई से दूरी बनाई है।
सरकारी कॉलेजों में दाखिले की रफ्तार हुई बेहद धीमी
इस गिरावट का सबसे बड़ा नुकसान राज्य के सरकारी कॉलेजों को उठाना पड़ा है। प्राइवेट कॉलेजों की तुलना में सरकारी संस्थानों में दाखिले तेजी से घटे हैं। इस मौजूदा सत्र में अब तक करीब पांच लाख छात्रों ने ही विभिन्न कॉलेजों में अपना एडमिशन कराया है।
इनमें से केवल 35 फीसदी छात्रों ने सरकारी कॉलेजों को चुना है। वहीं 65 फीसदी छात्रों ने प्राइवेट कॉलेजों में दाखिला लिया है। हालांकि एडमिशन की प्रक्रिया अभी चल रही है, लेकिन सरकारी संस्थानों से घटता जुड़ाव एक बड़ा अलार्म बन चुका है।
राजधानी पटना में भी कॉलेजों की सीटें रह गईं खाली
पटना राज्य का सबसे बड़ा एजुकेशन हब माना जाता है। इसके बावजूद यहां भी एडमिशन की ग्रोथ काफी धीमी पड़ गई है। आधिकारिक प्रोविजनल डेटा के मुताबिक पटना यूनिवर्सिटी में 19,218 और पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी में 3,42,985 छात्रों का एनरोलमेंट हुआ था।
नए सत्र के दौरान इन दोनों बड़ी यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों में सीटें खाली रह गईं। खाली सीटें और घटते आंकड़े साफ बताते हैं कि राजधानी के कॉलेजों को भी उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिला। अब छात्र पारंपरिक डिग्री को छोड़ रहे हैं।
पारंपरिक कोर्स की जगह प्रोफेशनल कोर्सेज बने पहली पसंद
बारहवीं के बाद अब छात्र जॉब ओरिएंटेड और स्किल बेस्ड कोर्सेज को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पटना के विभिन्न संस्थानों में बीबीए, बीसीए, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी की मांग बढ़ी है। इसके अलावा डिजिटल मार्केटिंग और होटल मैनेजमेंट में भी होड़ है।
छात्र अब आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी और बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के प्रोफेशनल प्रोग्राम्स की तरफ भाग रहे हैं। कम समय में बेहतर प्लेसमेंट और फास्ट करियर ग्रोथ मिलने के कारण छात्र पारंपरिक बीए, बीकॉम और बीएससी कोर्स से दूरी बना रहे हैं।
पटना यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस की कट-ऑफ सबसे ऊपर
पटना यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन स्तर पर सेकेंड मेरिट लिस्ट के तहत एडमिशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बार भी टॉप कॉलेजों के चुनिंदा विषयों में दाखिले के लिए छात्रों के बीच बहुत कड़ा मुकाबला देखने को मिला है।
आर्ट्स स्ट्रीम में इस बार भी पॉलिटिकल साइंस की कट-ऑफ सबसे ज्यादा दर्ज की गई। साइंस में जूलॉजी और मैथमेटिक्स की डिमांड रही। कॉमर्स स्ट्रीम में दाखिले के लिए छात्रों की पहली पसंद वाणिज्य महाविद्यालय रहा, जहां पहली सूची की कट-ऑफ 76.8 रही।
मगध महिला कॉलेज के बीकॉम फाइनेंस कोर्स की अधिकतम कट-ऑफ 63.6 और वाणिज्य महाविद्यालय की 59 रिकॉर्ड की गई। यूनिवर्सिटी के डीन प्रो. कामेश्वर पंडित ने बताया कि सीटें खाली रहने की स्थिति में तीसरी मेरिट लिस्ट भी जल्द जारी की जाएगी।

