Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के चढ़ावे में केवल धन की हेराफेरी नहीं हुई है, बल्कि यह देश के करोड़ों सनातन प्रेमियों की अटूट आस्था और विश्वास की सीधी चोरी है।
कांग्रेस ने शिमला में निकाला मार्च और की विशेष पूजा
इस कथित घोटाले के विरोध में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने राजधानी शिमला में एक बड़ा प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में मंत्रियों और विधायकों ने इंदिरा गांधी खेल परिसर से राम बाजार तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पैदल मार्च के समापन के बाद मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने राम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। सभी नेताओं ने वहां आयोजित एक पवित्र हवन में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि मंदिर के पवित्र धन का दुरुपयोग करने वाले लोगों को जल्द सद्बुद्धि मिले।
बीजेपी पर लगाया भगवान राम के नाम के राजनीतिकरण का आरोप
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में विपक्षी दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी भगवान राम के नाम का इस्तेमाल केवल अपने राजनीतिक लाभ के लिए करती है। जबकि देश की आम जनता ने अपनी क्षमता के अनुसार मंदिर निर्माण में योगदान दिया था।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंदू संस्कृति हमेशा सभी धर्मों का आदर करना सिखाती है। प्रभु श्री राम के सच्चे अनुयायी कभी भी उनके नाम पर घटिया राजनीति नहीं करते। प्रभु का मुख्य संदेश पूरी मानवता की निस्वार्थ सेवा करना है, लेकिन कुछ लोग केवल सत्ता के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
आस्था को ठेस पहुंचने पर देश की जनता एकजुट होगी
मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस पूरे प्रकरण को एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा बताया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब भी आम लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है, तो देश के नागरिक एकजुट हो जाते हैं। कांग्रेस पार्टी हमेशा हिंदू संस्कृति के सच्चे जीवन मूल्यों के साथ खड़ी रहेगी।

