Lucknow News: भारतीय सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कशिश वारसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयागराज वाले बयान का खुला समर्थन किया है। उन्होंने वक्फ बोर्ड की मौजूदा कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। वारसी ने कहा कि देश में सनातन सबसे पुराना धर्म है और वे इस्लाम की रूह से श्रीराम का बेपनाह सम्मान करते हैं।
मुस्लिम बच्चों के विकास के बजाय वक्फ संपत्तियों का हुआ बंदरबांट
कशिश वारसी ने कहा कि अगर वक्फ बोर्ड ने अपनी बेशकीमती संपत्तियों को बेचने के बजाय सही इस्तेमाल किया होता, तो स्थितियां आज बेहतर होतीं। आज मुस्लिम समाज के बच्चों को स्कॉलरशिप, आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री आवास जैसी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लिए सरकारी दफ्तरों के धक्के नहीं खाने पड़ते।
उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड के अपने पैसों से ही सारे बड़े इदारे बन जाते और समाज का वास्तविक कल्याण होता। बुजुर्गों ने जो जमीनें गरीब मुसलमानों के लिए वक्फ की थीं, उनका अवैध रूप से बंदरबांट करके एक बहुत बड़ा घोटाला किया गया है।
अवैध चंदा वसूली को लेकर कशिश वारसी ने उठाई जांच की मांग
सूफी फाउंडेशन के अध्यक्ष ने दावा किया कि आज भी कई मस्जिदों में अवैध रूप से इमाम कब्जा जमाकर मनमाना चंदा वसूल रहे हैं। उन्होंने मुरादाबाद की एक मस्जिद का उदाहरण देते हुए कहा कि अधिकृत कमेटियां होने के बावजूद प्रशासन और वक्फ बोर्ड उन्हें हटाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।
उन्होंने मांग की कि मस्जिदों से वसूल किए जा रहे चंदे की भारी रकम कहां जा रही है, इसकी एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। राम मंदिर मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश ने अदालत के फैसले को खुले दिल से स्वीकार किया है।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम पूरी दुनिया के लिए आस्था और पर्यटन का केंद्र
वारसी ने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर आज पूरी दुनिया के लिए गहरी आस्था और वैश्विक पर्यटन का एक बहुत बड़ा केंद्र बन चुका है। हमारे देश के एक मशहूर शायर ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को ‘इमामे हिंद’ की महान पदवी से भी नवाजा है।
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा था कि वक्फ के मुद्दों पर उनकी चुप्पी क्यों छाई रहती है। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब देश भर में वक्फ के नाम पर कई हेक्टेयर जमीनें बेची गईं, तब एनडीए विरोधी दल चुप क्यों रहे।

