Kurukshetra News: जिला कुरुक्षेत्र में दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) पर पुलिस कस्टडी से भाग रहे एक कुख्यात बदमाश को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में दबोच लिया। बदमाश ने बाथरूम जाने का बहाना बनाकर चालाकी से पुलिस की सरकारी गाड़ी को रुकवाया था।
पुलिसकर्मी जब उसे नीचे उतारकर लेकर गए, तो उसने अचानक एक पुलिसकर्मी की बाजू पर दांत से बुरी तरह काट लिया। इसी दौरान शातिर बदमाश हाथ छुड़ाकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने लगा। पुलिस ने उसे रोकने के लिए पहले हवाई फायर भी किया।
चेतावनी के बाद भी नहीं रुका 30 मामलों का आरोपी
बदमाश जब चेतावनी के बाद भी नहीं रुका, तो पुलिस ने उसकी टांग में गोली मारकर उसे सूझबूझ से काबू कर लिया। घायल बदमाश को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी की पहचान सोढ़ी गांव निवासी विशाल उर्फ विक्की के रूप में हुई है।
कुख्यात आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य गंभीर मामलों में 30 से ज्यादा केस दर्ज हैं। फिलहाल उसका एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीआईए-2 की पुलिस टीम आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से अवैध हथियार रिकवरी कर लौट रही थी।
गांधी नगर गोलीकांड के शूटरों को दिए थे हथियार
सीआईए-2 के इंचार्ज मनदीप सिंह ने बताया कि विशाल उर्फ विक्की सोढ़ी को गांधी नगर गोलीकांड की जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि 14 जून को गांधी नगर में हुए गोलीकांड के आरोपियों को हथियार विशाल ने ही उपलब्ध कराए थे।
पूछताछ के दौरान विशाल ने पुलिस के सामने कबूला था कि उसने अपने घर में भी हथियार छिपाकर रखे हैं। इसके बाद पुलिस टीम उसे उसके गांव लेकर गई, जहां आरोपी के घर से 2 अवैध पिस्टल, 4 मैगजीन और 20 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
सट्टे और जुए के विवाद में हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस टीम उमरी चौक के पास पहुंची थी, जहां आरोपी ने भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगते ही आरोपी गिर पड़ा। दरअसल पिछले महीने 14 जून को गांधी नगर में बदमाशों ने दो युवकों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं।
पुलिस जांच में सामने आया कि गांधी नगर गोलीकांड की मुख्य वजह जुआ और सट्टे के अवैध कारोबार से जुड़ा आपसी विवाद था। पैसों के लेनदेन और वर्चस्व की जंग के चलते इस हमले को अंजाम दिया गया था। पुलिस इस मामले में कई अन्य आरोपियों को पहले ही पकड़ चुकी है।

