Punjab News: पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ जारी महाअभियान को अब एक नया और बेहद आक्रामक आयाम देने की तैयारी कर ली गई है। राज्य की पुलिस अब केवल छोटे-मोटे नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं रहने वाली है। बल्कि इस काले कारोबार को आर्थिक मजबूती देने वाले पूरे हवाला नेटवर्क को निशाना बनाया जाएगा।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने राज्य स्तरीय कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक में अधिकारियों को बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से कमाए गए काले धन को हवाला के जरिए पाकिस्तान, मिडिल-ईस्ट और अन्य देशों तक पहुंचाने वाले पूरे इंटरनेशनल नेटवर्क को अब पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंजाब के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस आयुक्त और रेंज डीआईजी शामिल हुए। इस दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सरकार की प्राथमिक पुलिसिंग योजनाओं की बारीकी से समीक्षा कर नई रणनीति तैयार की गई।
बिना वित्तीय तंत्र तोड़े नशा मुक्त पंजाब बनाना नामुमकिन
डीजीपी गौरव यादव ने बैठक में साफ शब्दों में कहा कि नशा तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का एक साधारण मामला नहीं है। इसके पीछे एक बहुत बड़ा और संगठित आर्थिक साम्राज्य सक्रिय रहता है। जब तक इस वित्तीय तंत्र को जड़ से नहीं उखाड़ा जाएगा, तब तक नशा कारोबार पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुमकिन नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी सक्रिय हवाला ऑपरेटरों, अवैध धन की आपूर्ति करने वालों और ड्रग मनी के लेन-देन से जुड़े संदिग्धों की पहचान की जाए। इसके बाद उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि वे दोबारा सिर न उठा सकें।
बैठक में पंजाब सरकार के प्रमुख अभियानों ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ और ‘गैंगस्टरां ते वार’ की प्रगति का भी गहराई से आकलन किया गया। डीजीपी ने साफ किया कि इन दोनों अभियानों के तहत अब आर्थिक जांच (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा और संदिग्ध बैंक खातों की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
सड़कों पर बढ़ेगी गश्त, अपराधियों पर चौबीसों घंटे रहेगा कड़ा दबाव
राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पंजाब भर में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। डीजीपी ने प्रमुख राजमार्गों पर हाई-टेक नाके लगाने, मोबाइल गश्त तेज करने, संदिग्ध वाहनों की नियमित जांच करने और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के आदेश दिए हैं।
डीजीपी का मानना है कि सड़कों पर पुलिस की बढ़ी हुई दृश्यता से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और आम जनता के भीतर सुरक्षा की भावना अधिक मजबूत होगी। इसके साथ ही, अपराध नियंत्रण में आम लोगों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और ग्रामीण रक्षा समितियों का सीधा सहयोग लेने के लिए नियमित संवाद बनाए रखने को कहा गया है।
पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों का मानना है कि यदि नशा तस्करों की आर्थिक रीढ़ को पूरी तरह तोड़ दिया जाए, तो इस अवैध और जानलेवा कारोबार पर कहीं अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। इसी बड़े उद्देश्य को हासिल करने के लिए अब खुफिया एजेंसियां भी ड्रग मनी के स्रोतों पर विशेष नजर रख रही हैं।
Author: Gurpreet Singh


