Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। घने बादलों और हल्की बूंदाबांदी से भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया है। तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
लखनऊ में सुहावना हुआ मौसम
राजधानी लखनऊ में सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। कई इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। इससे मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने लखनऊ के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने दिनभर आंधी और रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है।
मौसम में अचानक बदलाव की वजह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी तंत्र के सक्रिय होने की वजह से हुआ है। बीते दिन तेज हवाओं के साथ मौसम ने करवट ली थी। फिलहाल लू का असर लगभग खत्म हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ समय तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। बादल, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। बीच-बीच में तेज हवा के झोंके भी महसूस किए जा रहे हैं।
इन 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है। वाराणसी, गोरखपुर और देवरिया में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। कुशीनगर, बलिया, मऊ और आजमगढ़ भी इस चेतावनी के दायरे में हैं। जौनपुर, गाजीपुर और संत कबीर नगर में भी खतरा बना हुआ है। इन सभी जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होगी। आकाशीय बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है।
प्रशासन ने की ये अपील
प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से मना किया गया है। किसानों को फसलों और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा कि केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। अफवाहों से बचने की जरूरत है। सभी संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
SDRF की टीमें रहेंगी तैनात
आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। एसडीआरएफ की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। ये टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेंगी। बिजली विभाग और नगर निगम को भी सतर्क कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से किसी भी परेशानी की सूचना तुरंत देने को कहा है। राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरा इंतजाम कर लिया गया है।
UP News: आधी रात सपा नेताओं के घर पहुंची पुलिस, बरहज आंदोलन से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन
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Deoria News: समाजवादी पार्टी के बरहज आंदोलन से ठीक पहले पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आधी रात करीब 12 बजे पुलिस अधिकारी सपा जिलाध्यक्ष विकास यादव उर्फ व्यास यादव के घर पहुंचे और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। यह कार्रवाई अधिवक्ता विजेंद्र सिंह की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रोकने के लिए की गई। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है।
किन-किन नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट
जिलाध्यक्ष विकास यादव के अलावा राज्यसभा की पूर्व सदस्य कनकलता सिंह को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। पुलिस ने सपा नेता बेचू लाल चौधरी और देवरिया विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष आफताब आलम को भी घर से बाहर निकलने से रोक दिया। इतना ही नहीं, आंदोलन में शामिल होने वाले सभी प्रमुख समाजवादी पार्टी नेताओं के घरों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। यह सभी नेता बरहज तहसील घेराव की तैयारी कर रहे थे।
अधिवक्ता की मौत का मामला बना आंदोलन की वजह
दरअसल, बरहज के लक्ष्मीपुर गांव में अधिवक्ता विजेंद्र सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सपा ने 30 अप्रैल को सुबह 10 बजे बरहज तहसील का घेराव करने का ऐलान किया था। प्रशासन को जैसे ही इस आंदोलन की भनक लगी, उसने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी।
आधी रात पुलिस का औचक एक्शन
जानकारी के अनुसार, सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार राय भारी पुलिस बल के साथ आधी रात को विकास यादव के घर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह रोक लगा दी। गुरुवार सुबह तक उनके घर के बाहर पुलिस बल मुस्तैद रहा। उधर, बरहज तहसील परिसर में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की भीड़ एकत्र न हो सके।
जिलाध्यक्ष ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने पुलिस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह महज एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं है। यह हर उस आवाज को कुचलने की साजिश है जो अन्याय और अत्याचार के खिलाफ उठती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद में बढ़ते अपराध, निर्दोष लोगों पर फर्जी मुकदमे और पीडीए परिवार के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
सपा कार्यकर्ताओं ने दी संघर्ष की चेतावनी
हाउस अरेस्ट के बावजूद समाजवादी पार्टी पीछे हटने के मूड में नहीं है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरेगा और संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है। सपा नेतृत्व का कहना है कि प्रशासन का यह दमनकारी रवैया पार्टी के मनोबल को तोड़ नहीं सकता। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के बाद भी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन जारी रखने की रणनीति बना ली है, जिससे प्रशासन और विपक्ष के बीच टकराव गहराने की आशंका है।


