Haryana News: हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में बड़ी लापरवाही पर बेहद सख्त कार्रवाई की है। सरकार ने राज्य के तीन सीनियर मेडिकल ऑफिसर और एक मेडिकल अफसर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस संबंध में कड़े आदेश जारी किए हैं।
लिंगानुपात की योजनाओं में लापरवाही पर हुई सख्त कार्रवाई
प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई लिंगानुपात में सुधार से जुड़ी है। अधिकारी प्रभावी निगरानी और सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करने में पूरी तरह विफल रहे। दरअसल हाल ही में हरियाणा के लिंगानुपात के आंकड़ों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद सरकार एक्शन मोड में आ गई है।
सरकारी आदेशों के मुताबिक सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में एसएमओ डॉ. टीना आनंद, एसएमओ विजय परमार और एसएमओ सतपाल शामिल हैं। इनके साथ ही मेडिकल ऑफिसर प्रभा पर भी निलंबन की गाज गिरी है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अपने आधिकारिक आदेश में चारों डॉक्टरों के खराब प्रदर्शन का साफ जिक्र किया है। ये अधिकारी प्रदेश में स्वास्थ्य सुधार की योजनाओं की उचित मॉनिटरिंग नहीं कर पा रहे थे। लगातार मिल रही शिकायतों और विफलताओं के बाद प्रशासनिक स्तर पर यह कड़ा फैसला लिया गया है।
नायब सैनी सरकार ने दिए विभागीय जांच के कड़े निर्देश
एसीएन ने आदेश में स्पष्ट किया कि निलंबन के दौरान सभी डॉक्टरों को निर्वाह भत्ता मिलेगा। इन सभी को हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के तहत भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही नायब सैनी सरकार ने इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश भी दिए हैं।
सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को सीधे निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक को अब इन चारों आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ जल्द चार्जशीट तैयार करनी होगी। विभाग इस चार्जशीट को आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए सरकार के पास भेजेगा।
Author: Sandeep Hooda

