पूरी दुनिया में मचा हाहाकार, होर्मुज जलडमरूमध्य हुआ बंद; 20 हजार किलोमीटर दूर इस देश ने ऐसे बचाई भारत की लाज

National News: ईरान और पश्चिमी देशों के बीच छिड़े युद्ध ने दुनिया को बड़े ऊर्जा संकट में धकेल दिया है। दुनिया के तेल और गैस व्यापार का मुख्य रास्ता ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पूरी तरह बंद हो गया है। इससे जहाजों की भारी आवाजाही एकदम ठप पड़ गई है। कई देशों में एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) का गंभीर संकट पैदा हो गया है। लेकिन भारत के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। भारत सरकार ने अपनी कूटनीति से देश को इस भयानक संकट से बचा लिया है। भारत ने रूस और अर्जेंटीना के साथ एक बड़ा गैस समझौता किया है। इससे देश में गैस की कोई कमी नहीं होगी।

क्या है होर्मुज जलडमरूमध्य का पूरा विवाद?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है। यहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और गैस गुजरती है। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके बंद होते ही वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी हड़कंप मच गया है। कई बड़े देशों की गैस सप्लाई चेन बुरी तरह टूट गई है। गैस की कीमतों में अचानक बहुत तेज उछाल आया है। दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है और आम लोग काफी परेशान हैं।

रूस और भारत की दोस्ती फिर आई काम

इस भयंकर वैश्विक संकट के बीच रूस फिर से भारत का सच्चा मित्र साबित हुआ है। भारत सरकार ने खतरे को भांपते हुए रूस से सप्लाई पहले ही सुरक्षित कर ली थी। भारत ने एलएनजी और कच्चे तेल के आयात के लिए रूस से बड़े समझौते किए हैं। यह भारी सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य के बजाय दूसरे सुरक्षित रास्तों से आ रही है। इस वजह से होर्मुज के बंद होने का भारत पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा है। सरकार की इस बेहतरीन कूटनीतिक रणनीति से देश को बहुत बड़ी राहत मिली है।

अर्जेंटीना बना भारत का नया तारणहार

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली खबर अर्जेंटीना से सामने आई है। भारत से करीब 20 हजार किलोमीटर दूर स्थित अर्जेंटीना ने इस मुश्किल घड़ी में हमारा साथ दिया है। भारत सरकार ने एलपीजी की संभावित कमी को पूरा करने के लिए अर्जेंटीना के साथ ऊर्जा समझौता किया है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत अर्जेंटीना से भारत को गैस की लगातार सप्लाई मिलती रहेगी। इसी बड़े और अहम कदम के कारण देश में रसोई गैस का कोई भी संकट खड़ा नहीं होगा।

सरकार की कूटनीति से आम आदमी को राहत

अगर भारत समय रहते ये जरूरी कदम नहीं उठाता, तो देश में भारी परेशानी हो सकती थी। पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो सकती थी। लेकिन सरकार ने अपनी दूरदर्शी सोच से ऊर्जा आयात के कई नए रास्ते तैयार कर लिए हैं। अब भारत का ज्यादातर ऊर्जा आयात पूरी तरह सुरक्षित रास्तों से हो रहा है। आम आदमी को इस समय घबराने की बिल्कुल कोई जरूरत नहीं है। देश के पास अपनी घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है।

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