New Delhi News: भारतीय मुद्रा ने डॉलर के मुकाबले जोरदार वापसी की है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 151 पैसे मजबूत हो गया। यह 93.19 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों से रुपये में भारी गिरावट हो रही थी। सोमवार को यह 95 के पार चला गया था। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक के एक सख्त कदम ने सब बदल दिया। केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा डीलरों के लिए नए नियम बनाए हैं। इसका सीधा असर रुपये की मजबूती के रूप में दिखा है।
आरबीआई ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
रिजर्व बैंक ने अधिकृत डीलरों को नए और कड़े निर्देश दिए हैं। अब बैंक ग्राहकों को ‘नॉन-डिलीवेरेबल डेरिवेटिव’ कॉन्ट्रैक्ट नहीं दे सकेंगे। यह रोक निवासी और अनिवासी दोनों ग्राहकों पर लागू होगी। हालांकि, ग्राहक अभी भी ‘डिलीवेरेबल विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव’ कॉन्ट्रैक्ट कर सकते हैं। इससे उन्हें बाजार के जोखिम से बचने में मदद मिलेगी। लेकिन इसके साथ शर्त है कि वे समानांतर ‘नॉन-डिलीवेरेबल’ सौदे नहीं करेंगे। आरबीआई ने बैंकों की ‘नेट ओपन पोजीशन’ भी तय कर दी है। इसे 10 करोड़ डॉलर तक सीमित कर दिया गया है।
सोमवार को 95 के पार गया था रुपया
विदेशी मुद्रा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव जारी है। गुरुवार को अंतरबैंक बाजार में रुपया 94.62 पर खुला। फिर यह तेजी से 93.19 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव से 1.6 प्रतिशत की बड़ी बढ़त है। सोमवार को रुपये ने पहली बार 95 का निचला स्तर छुआ था। उस दिन यह 94.85 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। मंगलवार और बुधवार को मुद्रा बाजार बंद थे। गुरुवार को बाजार खुलते ही आरबीआई की नई नीति का असर दिखा।
शेयर बाजार और कच्चे तेल का क्या है हाल?
रुपये की मजबूती के बावजूद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। गुरुवार सुबह सेंसेक्स 1,312.91 अंक टूटकर 71,821.41 पर आ गया। निफ्टी भी 410.45 अंक फिसलकर 22,383.40 पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से भारी पैसा निकाला है। उन्होंने बुधवार को 8,331.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में फिर आग लगी है। ब्रेंट क्रूड 4.84 प्रतिशत उछलकर 106.06 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। मजबूत डॉलर और महंगा कच्चा तेल रुपये के लिए बड़ी चुनौती हैं।


