Himachal News: हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं जल्द ही बुरी तरह चरमरा सकती हैं। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के कर्मचारियों ने बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर ये कर्मचारी 6 से 10 अप्रैल तक शिमला में हड़ताल करेंगे। उन्होंने मुख्य कार्यालय पर पांच दिनों तक दिन-रात धरने पर बैठने की सख्त चेतावनी दी है। इस फैसले से पूरे प्रदेश में मरीजों की आपातकालीन सेवाओं को लेकर चिंताएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।
प्रबंधन को थमाया कड़ा अल्टीमेटम
एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने प्रबंधन को अपना लिखित नोटिस सौंप दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आपातकालीन सेवाएं ठप कर दी जाएंगी। लगातार हो रही अनदेखी से इन कर्मचारियों में भारी आक्रोश पनप रहा है। अब उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वे सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाने को पूरी तरह मजबूर हैं।
वरिष्ठता और नौकरी की सुरक्षा का मुद्दा
यूनियन के कांगड़ा जिला अध्यक्ष प्रशांत ने इस पूरे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि मेडसवान फाउंडेशन और जीवीके ईएमआरआई के प्रबंधन के सामने कई अहम मुद्दे उठाए गए हैं। इनमें सबसे मुख्य मुद्दा सेवा की निरंतरता और कर्मचारियों की वरिष्ठता तय करने का है। कर्मचारी लंबे समय से अपने इन अधिकारों की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
मरीजों की बढ़ सकती है भारी मुसीबत
अगर यह हड़ताल वास्तव में होती है तो मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। एंबुलेंस के पहिए थमने से गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने में मुश्किल होगी। हैरानी की बात यह है कि प्रबंधन की ओर से अभी तक इस गंभीर मुद्दे पर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं, ताकि आम जनता को इस परेशानी से बचाया जा सके।


