Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित वल्लभ राजकीय महाविद्यालय में बीएड कर रहे 100 प्रशिक्षु शिक्षकों के भविष्य पर संकट के काले बादल छा गए हैं। सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU) मंडी ने कॉलेज की बीएड संबद्धता को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कड़ा फैसला नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) द्वारा मान्यता रद्द किए जाने और प्रदेश उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद लिया गया है। कोर्ट ने इस मामले में शिक्षा सचिव के हस्तक्षेप को भी अनुचित करार दिया है। अब इन छात्रों को दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
शिक्षा सचिव की ‘भाषाई कलाबाजी’ पर हाईकोर्ट सख्त
न्यायाधीश ज्योत्सना रेवाल दुआ की अदालत ने शिक्षा सचिव के उस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें विश्वविद्यालय को संबद्धता बहाल रखने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में सीधा दखल और ‘भाषाई कलाबाजी’ करार दिया। अदालत ने साफ किया कि जब एनसीटीई 2 फरवरी को ही कॉलेज की मान्यता खत्म कर चुका है, तो शिक्षा सचिव को ऐसे निर्देश देने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। कोर्ट के इस रुख ने साफ कर दिया कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशिक्षुओं के लिए 30 मार्च तक का अल्टीमेटम
छात्रों के शैक्षणिक हितों को देखते हुए विश्वविद्यालय ने उन्हें अन्य संबद्ध बीएड कॉलेजों में समायोजित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रशिक्षुओं को 30 मार्च शाम पांच बजे तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर डीन सीडीसी कार्यालय में जमा करना होगा। एसपीयू मंडी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. सनील वर्मा ने स्पष्ट किया कि छात्रों के पास अब माइग्रेशन ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प बचा है। जो छात्र इसके बाद भी वल्लभ कॉलेज में पढ़ाई जारी रखेंगे, वे अपनी जिम्मेदारी पर ऐसा करेंगे।
बीएड परीक्षा की तारीख आगे बढ़ी, 4 अप्रैल से होंगे पेपर
कानूनी विवाद और छात्रों के शिफ्टिंग प्रोसेस के कारण विश्वविद्यालय ने बीएड परीक्षाओं की तिथि में बदलाव किया है। पहले ये परीक्षाएं 28 मार्च से शुरू होनी थीं, लेकिन अब इन्हें 4 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन 11 मार्च की अधिसूचना के अनुसार रिक्त सीटों पर छात्रों का समायोजन करेगा। मामले की अगली सुनवाई अब 20 अप्रैल को होगी, जिसमें विश्वविद्यालय को स्थानांतरण प्रक्रिया की प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी।


