Rishikesh News: उत्तराखंड के ऋषिकेश (मुनिकीरेती) में रविवार सुबह खराब मौसम, तेज बारिश और अंधड़ के चलते प्रशासन ने गंगा नदी में राफ्टिंग के संचालन पर अस्थाई रोक लगा दी। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने रविवार सुबह से लेकर दोपहर 11:30 बजे तक किसी भी राफ्ट को नदी में उतारने की अनुमति नहीं दी। हालांकि, दोपहर बाद जब आसमान साफ हुआ और मौसम सामान्य हुआ, तब जाकर राफ्टिंग गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी गई।
सुरक्षा मानकों पर विभाग का कड़ा रुख
राफ्टिंग एवं साहसिक खेल अधिकारी (मुनिकीरेती) जसपाल चौहान ने बताया कि विभाग पर्यटकों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। साहसिक खेलों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मौसम ही नहीं, बल्कि राफ्टिंग कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी विभाग की पैनी नजर है। किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही या गाइड की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि गंगा की लहरों के बीच छोटी सी गलती जानलेवा साबित हो सकती है।
चार राफ्टिंग कंपनियों पर लगा प्रतिबंध
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली चार राफ्टिंग कंपनियों के खिलाफ विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। इन कंपनियों पर अगले 15 दिनों तक राफ्टिंग संचालन करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जांच में पाया गया कि ये कंपनियां पर्यटकों को पुरानी और जीर्ण-क्षीर्ण लाइफ जैकेट दे रही थीं। साथ ही, राफ्ट में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने (ओवरलोडिंग) और घटिया क्वालिटी के हेलमेट का उपयोग करने जैसे गंभीर उल्लंघन भी पकड़े गए हैं।
भविष्य में जारी रहेगा औचक निरीक्षण
पर्यटन विभाग ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी राफ्टिंग संचालकों की गतिविधियों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा। साहसिक खेल अधिकारी ने संचालकों को चेतावनी दी है कि वे उपकरणों की गुणवत्ता और यात्रियों की संख्या को लेकर कोई समझौता न करें। इस कार्रवाई का उद्देश्य ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों के अनुभव को सुरक्षित और सुखद बनाना है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाली अन्य कंपनियों पर भी आने वाले दिनों में गाज गिर सकती है।


