Tehri News: ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। देवप्रयाग क्षेत्र में गंगा दर्शन होटल के पास एक अनियंत्रित इनोवा कार करीब 200 मीटर गहरी और तेज ढलान से लुढ़कते हुए सीधे उफनती गंगा नदी में समा गई।
यह भीषण हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। कार में चालक समेत कुल आठ लोग सवार थे, जो चारधाम यात्रा पूरी कर बदरीनाथ धाम से वापस लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचीं।
ढलान पर जिंदगी और मौत से जूझता मिला 12 साल का मासूम
देवप्रयाग के कोतवाल प्रशांत बहुगुणा ने बताया कि कार सड़क किनारे लगे मिट्टी के पांच फीट ऊंचे ढेर को पार कर सीधे नीचे जा गिरी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम को गहरी ढलान पर एक 12 वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला, जिसे तुरंत बेस अस्पताल श्रीनगर भेजा गया।
घायल बच्चे की पहचान आयुष्मान पुत्र हरीश के रूप में हुई है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, नदी के तट से दो पुरुषों और एक महिला का शव बरामद कर लिया गया है। हालांकि, पानी के तेज बहाव के कारण अभी तक इन शवों की आधिकारिक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
राजस्थान के जैसलमेर के रहने वाले हैं दो परिवार
हादसे का शिकार हुए लोग राजस्थान के जैसलमेर के रहने वाले दो परिवारों के सदस्य थे। देवप्रयाग के तहसीलदार वीरम सिंह पंवार ने बताया कि वाहन संख्या यूके08 टीए 5433 में हरीश की पत्नी गुड्डी देवी (40), पुत्र अवलेश (22), आयुष्मान (12), पुत्री जाह्नवी (18) सवार थे।
उनके साथ डॉ. दिनेश (27) और उनकी पत्नी कमला भी कार में मौजूद थीं। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य लोग अब भी गंगा नदी में लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए ब्यासी और ऋषिकेश से विशेष गोताखोरों की टीमें बुलाई गई हैं।
लापता लोगों की तलाश में जुटे गोताखोर और राफ्ट
गंगा नदी में लापता यात्रियों को ढूंढने के लिए राफ्ट और आधुनिक उपकरणों की मदद से देर शाम तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण उनका कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस प्रशासन राजस्थान में उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है।
उत्तराखंड नंबर की इस अभागी कार के स्थानीय चालक का नाम और पता भी मालूम किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से हाईवे पर गुजरने वाले अन्य तीर्थयात्री भी सहमे हुए हैं। पुलिस ने पहाड़ी रास्तों पर वाहनों को बेहद नियंत्रित गति से चलाने की सख्त हिदायत दी है।
Author: Harish Rawat


