रांची यूनिवर्सिटी में वोकेशनल कोर्स का संकट: 20 में से 20 विषयों में छात्रों का रुझान लगभग शून्य

Ranchi News: रांची यूनिवर्सिटी में वोकेशनल कोर्स को रोजगार से जोड़ने वाली बड़ी पहल अब कागजों तक सिमट कर रह गई है। यहां 23 पीजी वोकेशनल कोर्स में से 20 में छात्रों का रुझान बेहद कम है। कई विषयों में आवेदनों की संख्या उंगलियों पर गिनी जा सकती है।

सिर्फ एमबीए, एमसीए और एलएलएम में ही दिखा रुझान

यूनिवर्सिटी के आंकड़े बताते हैं कि छात्रों का झुकाव अब सिर्फ कुछ चुनिंदा कोर्स तक सीमित हो गया है। एमबीए में 477 और एमसीए में 382 आवेदन आए हैं। यह साफ करता है कि मैनेजमेंट और आईटी आधारित कोर्स अभी भी छात्रों की पहली पसंद हैं। एलएलएम में 62 और बायोटेक्नोलॉजी में 48 आवेदन आए हैं। इन्हें अपेक्षाकृत संतोषजनक माना जा सकता है। लेकिन इसके उलट बाकी के 20 कोर्स में आवेदनों की संख्या बेहद कम है। यह स्थिति बताती है कि वोकेशनल एजुकेशन का संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है।

इन कोर्स में सिर्फ उंगलियों पर गिने जा सकते हैं आवेदन

पीजी वोकेशनल कोर्स की सूची देखें तो हालात और भी साफ हो जाते हैं। सीएनडी में मात्र 11 आवेदन आए हैं। पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और आईटी में एक-एक आवेदन है। काउंसेलिंग साइकोलॉजी में दो और एग्जीक्यूटिव एमबीए में चार आवेदन ही मिले हैं। म्यूजिक में 24, फैशन डिजाइनिंग में 15 और मास कम्यूनिकेशन में 25 आवेदन आए हैं। योगिक साइंस में 28, रूरल डेवलपमेंट में 16 और आर्कियोलॉजी एंड म्यूजियोलॉजी में 16 आवेदन हैं। फाइन आर्ट्स में 22, डांस में 13, थियेटर में 10 और ज्योतिर्विज्ञान में 22 आवेदन अब तक आए हैं।

स्नातक सत्र लेट होने से बिगड़ा पूरा खेल

इस संकट की सबसे बड़ी वजह स्नातक सत्र का लेट होना है। रांची यूनिवर्सिटी के स्नातक सत्र 2022-25 का रिजल्ट समय पर नहीं आ सका। इससे छात्र पीजी में आवेदन नहीं कर सके। एडमिशन प्रक्रिया भी समय पर शुरू नहीं हो पाई। कई छात्रों ने दूसरे विकल्प तलाश लिए। 2025 में मात्र 15 दिनों के लिए आवेदन लिए गए थे। उस दौरान एमबीए और एमसीए जैसे कोर्स में ही आवेदन आ पाए। फिर रिजल्ट का इंतजार करते हुए पोर्टल बंद करना पड़ा।

2026 में पोर्टल खुला तब तक छात्रों का रुझान कमजोर पड़ चुका था

जब 2026 में दोबारा पोर्टल खोला गया, तब तक छात्रों का रुझान कमजोर पड़ चुका था। कई छात्र दूसरे विश्वविद्यालयों या अन्य कोर्स की ओर रुख कर चुके थे। इसका सीधा असर यह हुआ कि कई वोकेशनल कोर्स में नामांकन की स्थिति बेहद खराब हो गई। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्नातक के रिजल्ट में देरी के कारण पीजी वोकेशनल कोर्स में नामांकन की प्रक्रिया देर से शुरू की है। अब फिर से नामांकन के लिए पोर्टल खोल दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे आवेदन आएंगे, नामांकन लिया जाएगा।

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