Noida News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस एयरपोर्ट का दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश को सीधा फायदा मिलेगा। एयरपोर्ट की नींव 15 नवंबर 2021 को रखी गई थी और निर्माण कार्य जून 2022 में शुरू हुआ था। सालों के इंतजार के बाद आज इसे आम लोगों की सेवा के लिए खोल दिया गया।
3.9 किलोमीटर लंबा रनवे, वाइड-बॉडी विमानों को संभालने में सक्षम
नोएडाइंटरनेशनल एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेस-वे के पास स्थित है। यह दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार को बढ़ावा देते हुए देश के विकास में अपना बड़ा योगदान देगा। मेट्रो और प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी इसे और भी सुगम बनाएगी। एयरपोर्ट का रनवे करीब 3.9 किलोमीटर लंबा है, जो वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट (बड़े विमानों) को संभालने में सक्षम है। इसमें एडवांस नेविगेशन सिस्टम, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) और एडवांस एयरफील्ड लाइटिंग शामिल हैं।
दिल्ली-एनसीआर को दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
यह एयरपोर्ट देश केग्लोबल एविएशन हब बनने की दिशा में एक माइलस्टोन है। इसे दिल्ली-एनसीआर के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है, जो दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पूरक होगा। दोनों एयरपोर्ट मिलकर एक इंटीग्रेटेड एविएशन सिस्टम के रूप में काम करेंगे। इससे भीड़ कम होगी और यात्रियों को संभालने की क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर दुनिया के लीडिंग एविएशन हब में अपनी जगह बना पाएगा।
11,200 करोड़ की लागत, 70 MPPA की क्षमता का लक्ष्य
एयरपोर्ट कापहला फेज पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत करीब 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से बनाया गया है। शुरुआत में इसकी यात्री संभालने की क्षमता हर साल 12 मिलियन (एमपीपीए) होगी, जिसे पूरी तरह बनने के बाद बढ़ाकर 70 एमपीपीए तक किया जा सकेगा। एयरपोर्ट में एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब, एक इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स जोन भी बनाया गया है। कार्गो सुविधा को सालाना 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक माल संभालने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसे बढ़ाकर लगभग 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकता है। फिलहान यह एयरपोर्ट एनसीआर क्षेत्र में विमानन सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


