Himachal News: हिमाचल प्रदेश की जनता पर महंगाई का एक नया और भारी बोझ लाद दिया गया है। राज्य की कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करने का बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को विधानसभा में हंगामे के बीच ‘हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026’ को पास कर दिया गया। अब राज्य में ईंधन की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर होने की कगार पर हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार का तर्क है कि इस टैक्स से होने वाली कमाई अनाथ बच्चों और विधवा महिलाओं के कल्याण पर खर्च होगी। हालांकि, सदन में विपक्ष ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए इसे जनता के साथ क्रूर मजाक बताया है। विपक्ष का कहना है कि जनकल्याण के नाम पर मध्यम वर्ग की कमर तोड़ी जा रही है।
नए नियमों के लागू होते ही हिमाचल में डीजल की कीमत 90 रुपए और पेट्रोल 100 रुपए के पार जा सकता है। वर्तमान में पेट्रोल पर 17% और डीजल पर करीब 14% टैक्स पहले से ही वसूला जा रहा है। अब 5 रुपए की अतिरिक्त वृद्धि परिवहन से लेकर रसोई तक के बजट को पूरी तरह बिगाड़ देगी।
महंगाई की चौतरफा मार और विपक्ष का वॉकआउट
विपक्ष ने सरकार को चेतावनी दी है कि इस फैसले से केवल गाड़ी चलाना ही महंगा नहीं होगा। माल ढुलाई महंगी होने से खाने-पीने की चीजें, निर्माण सामग्री और खेती की लागत भी बढ़ जाएगी। बस किराए में संभावित बढ़ोतरी और पर्यटन पर पड़ने वाले असर को लेकर भी गहरी चिंता जताई गई है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बचाव में कहा कि सरकार कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा देना चाहती है। उन्होंने पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों का हवाला देते हुए कहा कि वहां कीमतें अब भी अधिक हैं। सुक्खू के मुताबिक, यह उपकर सीधे तौर पर वेलफेयर फंड में जाएगा, जिससे जरूरतमंदों की मदद होगी।
विधानसभा में बिल पारित होने के बाद विपक्षी दलों ने विरोध में सदन से वॉकआउट कर दिया। अब यह विधेयक अंतिम मुहर के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया है। राजभवन से मंजूरी मिलते ही पूरे प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की नई दरें प्रभावी हो जाएंगी।


